पनप रहे अपराधी, बांग्लादेश के हालात पर बोले पूर्व राजनयिक; किस बात से रहना है सतर्क?
बांग्लादेश में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इन हालात पर भारतीय विशेषज्ञ भी अब चिंता जताने लगे हैं। इसी क्रम में बांग्लादेश में तैनात रहे पूर्व भारतीय उच्चायुक्तों ने भी अपनी राय जताई है। उन्होंने इसके लिए कमजोर सरकार, अतिवादी तत्वों को वजह बताया है।

बांग्लादेश में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इन हालात पर भारतीय विशेषज्ञ भी अब चिंता जताने लगे हैं। इसी क्रम में बांग्लादेश में तैनात रहे पूर्व भारतीय उच्चायुक्तों ने भी अपनी राय जताई है। उन्होंने इसके लिए कमजोर सरकार, अतिवादी तत्वों को वजह बताया है। वहीं, इस आंदोलन को भारतीय राजनयिकों और दूतावास भवनों के लिए खतरा बताया है। गौरतलब है कि भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में लगातार प्रदर्शन का दौर चल रहा है। बड़े पैमाने पर हिंसा हो रही है और भारतीयों के लिए खतरे के हालात हैं।
बांग्लादेश में हाई कमिश्नर के रूप में तैनात रहे पिनाक रंजन चक्रवर्ती ने कहाकि वर्तमान सरकार की अक्षमता का फायदा अतिवादी ताकतें उठा रही हैं। उन्होंने कहाकि सरकार काफी कमजोर है। ऐसे में लोग इसका फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहाकि राइट-विंग ताकतें, अपराधी और इस्लामी ताकतें इन हालात में खूब पनप रही हैं। एक अन्य पूर्व उच्चायुक्त रीवा गांगुली दास ने भी रंजन चक्रवर्ती की चिंताओं से सहमति जताई है।
रीवा गांगुली ने कहाकि बांग्लादेश में जो हो रहा है वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहाकि हकीकत तो यह है कि सरकार के सलाहकार भी भीड़ की हिंसा को जायज ठहरा रहे हैं। यह लोग भीड़ को जायज ठहरा रहे हैं। उन्होंने आगे कहाकि इन ताकतों को सरकार ने ही छोड़ा है और अब यह उन्हें नियंत्रित करने में नाकाम है। बांग्लादेश में हमलों के बारे में रीवा गांगुली ने कहाकि भारतीय राजनयिक भवनों पर हमले बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं।
इस बीच, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने दावा किया कि हादी की हत्या के बाद हुई हिंसा बांग्लादेश के संसदीय चुनाव से पहले अस्थिरता पैदा करने की साजिश का हिस्सा थी, जो अगले साल फरवरी में होने की संभावना है। शरीफ उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका के बिजॉयनगर इलाके में रिक्शा में यात्रा करते समय नजदीक से गोली मारी गई थी। 15 दिसंबर को, हादी को बेहतर इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस के जरिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई।
उनकी मौत के बाद, ढाका की राजधानी में प्रदर्शन हुए, क्योंकि कार्यकर्ताओं ने अपने शहीद नेता के लिए न्याय की मांग की। शुक्रवार को कई बार प्रदर्शन झेलने पड़े, जबकि हादी का शव राजधानी पहुंचा। जबकि इंक़िलाब मंच ने अपने कार्यकर्ताओं को शनिवार को अंतिम संस्कार जुलूस के दौरान शांति बनाए रखने का आह्वान किया है, ढाका में तनाव जारी है।





