
पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन, रक्षा मंत्रालय में भी संभाल चुके थे जिम्मेदारी
केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का 91 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह रक्षा मंत्रालय समेत कई अन्य विभाग भी संभाल चुके थे। लातूर स्थित उनके निजी आवास में उन्होंने अंतिम सांस ली।
केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का 91 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह रक्षा मंत्रालय समेत कई अन्य विभाग भी संभाल चुके थे। लातूर स्थित उनके निजी आवास में उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार के सूत्रों ने बताया कि पाटिल कुछ समय से बीमार थे और उन्होंने अपने आवास ‘देवघर’ पर ही अंतिम सांस ली। उनके परिवार में बेटा शैलेश पाटिल, बहू अर्चना और दो पोतियां हैं। उनकी बहू भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता हैं।
पूर्व गृह मंत्री के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए पीएम मोदी ने कहा, उन्होंने एक विधायक, सांसद, मंत्री, स्पीकर और लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर देश की सेवा की। वह समाज के हित में योगदान देने में हमेशा आगे रहते थे। उनसे कई बार बात हुई। कुछ महीने पहले भी मेरे आवास पर उनसे मुलाकात हुई थी। उनके शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं
पंजाब के राज्यपाल भी रहे शिवराज पाटिल
कांग्रेस नेता 2004 से 2008 तक केंद्रीय गृह मंत्री और 1991 से 1996 तक लोकसभा के 10वें अध्यक्ष रहे। वह पंजाब के राज्यपाल भी रहे और उन्होंने 2010 से 2015 तक चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा इंदिरा गांधी की सरकार में वह रक्षा राज्य मंत्री भी रह चुके थे।
सात बार जीते लातूर लोकसभा सीट
उनका जन्म 12 अक्टूबर, 1935 को हुआ और उन्होंने लातूर नगर परिषद प्रमुख के रूप में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया और 70 के दशक की शुरुआत में विधायक चुने गए। बाद में, उन्होंने लातूर लोकसभा सीट से सात बार जीत हासिल की। 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्हें भाजपा की रूपताई पाटिल निलंगेकर से हार का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि पाटिल अपने गरिमापूर्ण आचरण के लिए पहचाने जाते थे और उन्होंने कभी सार्वजनिक भाषणों या निजी बातचीत में व्यक्तिगत हमले नहीं किए। पार्टी के नेता ने बताया कि पाटिल अपनी व्यापक विद्वत्ता, गहन अध्ययन और प्रभावशाली प्रस्तुति के लिए भी जाने जाते थे। मराठी, अंग्रेजी और हिंदी पर उनकी पकड़ और संवैधानिक मामलों की असाधारण समझ ने उन्हें अपने समय के एक अत्यंत सम्मानित सांसद के रूप में पहचान दिलाई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताया दुख
शिवराज पाटिल के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी पूरी क्षमता से देश की सेवा की और वह एक दिग्गज नेता थे। भारत के विकास में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। ओम शांति।





