दाऊदी बोहरा उत्तराधिकार केस में फैसला देने वाले पूर्व जज निशाने पर, बेटी पर अटैक
पूर्व जज की बेटी अदिति पटेल को लंदन में पांच जून को एक गुमनाम पत्र भेजा गया, जिसमें लिखा था कि तुम और तुम्हारे परिवार के दाह-संस्कार के लिए एक गिरोह को भुगतान किया जा चुका है। पत्र के साथ में एक चिप भेजी गई, जिसमें बताया गया है कि आदेश न मानने पर क्या होता है।

बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जीएस पटेल और उनके परिवार को दाऊदी बोहरा समुदाय के उत्तराधिकार विवाद पर फैसला देने के बाद पिछले दस महीने से धमकी दी जा रही है। वहीं, पूर्व जज की बेटी पर लंदन में हमला किया गया।
बेटी को भेजा गुमनाम पत्र
पूर्व जज की बेटी अदिति पटेल को लंदन में पांच जून को एक गुमनाम पत्र भेजा गया, जिसमें लिखा था कि तुम और तुम्हारे परिवार के दाह-संस्कार के लिए एक गिरोह को भुगतान किया जा चुका है। पत्र के साथ में एक चिप भेजी गई, जिसमें बताया गया है कि आदेश न मानने पर क्या होता है। न्यायमूर्ति पटेल ने 2024 में दाऊदी बोहरा समुदाय के उत्तराधिकार विवाद पर ऐतिहासिक फैसला दिया था, जिसके बाद पिछले साल सितंबर से धमकियों का सिलसिला शुरू हुआ था।
मुंबई में पत्नी को मिल लेटर
मुंबई स्थित उनके घर पर उनकी पत्नी को पत्र मिला, जिसमें लिखा था कि हम दाऊदी बोहरा समुदाय के ऐसे प्रभावशाली सदस्यों का समूह हैं जो समुदाय के लिए न्याय चाहते हैं। हमने एक खतरनाक गिरोह को नियुक्त किया है, जिसने लंदन में चेतावनी को अंजाम दिया है। इससे पहले उनकी बेटी अदिति के लंदन स्थित घर में 2025 में सेंधमारी की जिम्मेदारी भी इस संगठन ने ही ली थी। इस वर्ष 22 अप्रैल पर एक नकाबपोश ने हमला किया, जिसमें उनकी नाक टूट गई।
फिर कौन न्यायाधीश बनना चाहेगा
न्यायमूर्ति पटेल ने कहा कि मैंने इस मसले को लेकर अधिकारियों से संपर्क किया है और सभी से सहयोग मिल रहा। मैं यह भी समझता हूं कि उनका अधिकार क्षेत्र भारत तक सीमित है। यदि इसके बावजूद ऐसी घटनाएं जारी रहती हैं, तो यह व्यवस्था की विफलता होगी। एक न्यायाधीश से अपेक्षा की जाती है कि वह बिना किसी भय या पक्षपात के काम करे, लेकिन यदि न्यायाधीशों और उनके परिवारों को ऐसी धमकियों का सामना करना पड़े, तो फिर कौन न्यायाधीश बनना चाहेगा।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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