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दोबारा न हों पूर्व CJI पर जूता फेंकने जैसी घटनाएं, उपाय सुझाएं; किससे बोला सुप्रीम कोर्ट?

दोबारा न हों पूर्व CJI पर जूता फेंकने जैसी घटनाएं, उपाय सुझाएं; किससे बोला सुप्रीम कोर्ट?

संक्षेप:

सीजेआई ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता एवं एससीबीए अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से कहा है कि वे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा सकने वाले कदमों तथा ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं प्रसारण के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर संयुक्त सुझाव पेश करेंगे।

Dec 17, 2025 03:05 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार और ‘सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन’ (एससीबीए) से पूर्व सीजेआई बी. आर. गवई पर अदालत कक्ष में जूता फेंकने के प्रयास जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उपाय सुझाने को कहा। शीर्ष अदालत ने मीडिया द्वारा ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग को लेकर एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के सुझाव भी मांगे।

सीजेआई सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता एवं एससीबीए अध्यक्ष विकास सिंह से इस संबंध में दिशा-निर्देश तय करने के लिए सुझाव देने को कहा।

सीजेआई ने कहा, ‘‘सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता एवं एससीबीए अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से कहा है कि वे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा सकने वाले कदमों तथा ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं प्रसारण के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर संयुक्त सुझाव पेश करेंगे।’’

अदालत ने केंद्र को औपचारिक नोटिस जारी करने की प्रक्रिया से छूट देते हुए कहा कि यह मामला प्रतिद्वंद्वी प्रकृति का नहीं है, इसलिए संयुक्त सुझाव दाखिल किए जा सकते हैं। इससे पहले पीठ ने 71 वर्षीय अधिवक्ता राकेश किशोर के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की अनिच्छा जताई थी। किशोर ने छह अक्टूबर को न्यायालय की कार्यवाही के दौरान तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश गवई की ओर जूता फेंकने का प्रयास किया था। अदालत ने कहा था कि जो भी आवश्यक होगा, उस पर विचार किया जाएगा।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 12 नवंबर को एससीबीए की ओर से उपस्थित वकीलों से कहा था कि वे अपने सुझाव दें, क्योंकि न्यायालय इस संबंध में अखिल भारतीय दिशानिर्देश तैयार करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा था, ‘‘अदालत परिसर और बार कक्ष जैसे स्थानों पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तीन-चार सुझाव देने के बारे में सोचिए। आप सभी कृपया सुझाव दीजिए।’’

पीठ एससीबीए की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें वकील किशोर के खिलाफ अवमानना ​​कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया गया है। वकील ने छह अक्टूबर को अदालती कार्यवाही के दौरान प्रधान न्यायाधीश की ओर जूता उछालने का प्रयास किया था।

वकील किशोर के इस कृत्य के कारण ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया’ (बीसीआई) ने उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इस घटना की व्यापक निंदा हुई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी घटना की निंदा करते हुए प्रधान न्यायाधीश से बात की थी।

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Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।


यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं। मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत कई पुरस्कार जीते हैं।

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