बारामती प्लेन क्रैश के बाद ऐक्शन में सरकार, 400 से ज्यादा हवाई पट्टियों की जांच शुरू
बारामती में हुए विमान हादसे के बाद केंद्र सरकार ने देशभर की हवाई पट्टियों को लेकर जांच शुरू की है। इसके डीजीसीए और राज्य सरकार की निगरानी में हवाई पट्टियों को लेकर नियम बनाए जाएंगे।

बारामती प्लेन क्रैश के बाद सरकार ने देशभर की 400 से ज्यादा अनियंत्रित हवाई पट्टियों को लेकर जांच शुरू की है। सरकार का प्लान है कि इन हवाई पट्टियों को लेकर एकीकृत नियम बनाए जाएं और इसकी देखरेख डीजीसीए और राज्य सरकार के तहत हो। जांच में पता लगाया जाएगा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर, संचार सुविधा और अग्निशमन को लेकर कितनी तैयारी है। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन के साथ हवाई पट्टी का प्रबंधन करने वाले किस तरह संपर् साधते हैं।
28 जनवरी को बारामती में एक प्लेन क्रैश हो गया था जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई थी। डीजीसीए ने इसके बाद एयरपोर्ट्स पर सेफ्टी प्रोटोकॉल्स में सुधार की कवायद शुरू कर दी है। वहीं इस तरह की हवाई पट्टियों पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल की भी सुविधा उपलब्ध नहीं रहती है। ये हवाई पट्टियां या तो राज्य सरकारों के अंडर में हैं या फिर फ्लाइट ट्रेनिंग संगठनों और प्राइवेट संचालकों की हैं।
देशभर में 400 से ज्यादा हवाई पट्टियां हैं जो कि डीजीसीए के नियमन से बाहर हैं। इनमें से ज्यादातर का इस्तेमाल चार्टर विमानों, राजनीतिक दलों और फ्लाइंग स्कूल के लिए होता है। हालांकि इन हवाई पट्टियों पर सुविधाओं की कमी है। रनवे मेंटिनेंस और मूवमेंट कोऑर्डिनेशन को लेकर ढील बरती जाती है।
अजित पवार की मौत पर सवाल
दो दिन पहले ही एनसीपी (SP) नेता रोहित पवार ने शनिवार को कहा कि हवाई दुर्घटना में अजित पवार की मौत की परिस्थितियों के बारे में सभी को संदेह है और वह 10 फरवरी को इस बारे में एक विस्तृत प्रस्तुति देंगे। बारामती में जिला परिषद चुनाव में अपना वोट डालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने कहा कि अजित पवार चाहते थे कि राकांपा के दोनों गुट एकजुट हो जाएं और विलय की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। दिवंगत राकांपा प्रमुख के भतीजे रोहित पवार ने कहा, ''हर किसी के मन में (दुर्घटना के बारे में) सवाल और संदेह हैं। मैं 10 फरवरी को मुंबई में एक प्रस्तुति दूंगा। दुर्घटना क्यों हुई और यह कैसे हुई होगी, ये मुद्दे 10 फरवरी को उठाए जाएंगे।''

लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।
अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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