खामेनेई की मौत के बाद भारत तक पहुंच गई प्रदर्शन की आग, कश्मीर में सड़कों पर उतरे लोग
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत को बाद प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। ईरान में हजारों लोग सड़कों पर उतरे हैं। वहीं कश्मीर में भी लोगों ने सड़क पर उतरकर इस हमले का विरोध किया है।

अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता के मौत के बाद लोग सड़कों पर उतर आए हैं। खामेनेई की मौत पर ईरान में लोग अमेरिका और इजरायल के हमले का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शन की यह आग भारत तक पहु्ंच गई है। रविवार को कश्मीर के कई हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि शिया बहुल इलाकों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। पुलवामा और श्रीनगर में भी लोगों ने खामेनेई की तस्वीरें लेकर प्रदर्शन किए। इसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक सड़कों पर मार्च किया और अमेरिका तथा इजराइल विरोधी नारे लगाए। ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह पुष्टि की कि इजराइल और अमेरिका के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत हो गई है। इस हमले के बाद ईरान का भविष्य अनिश्चितता में पड़ गया है। इसके अलावा क्षेत्रीय अस्थिरता का भी खतरा है।
अमेरिका को ईरान की धमकी
यूरोपीय एयरोस्पेस कंपनी 'एयरबस' द्वारा ली गयी सैटेलाइट तस्वीरों में वह स्थान भारी बमबारी से क्षतिग्रस्त दिखायी दिया, जहां खामेनेई की मौत हुई है। सरकारी टीवी ने बताया कि खोमेनेई के कार्यालय में हुई उनकी मौत यह दिखाती है कि ''वे लगातार जनता के बीच खड़े रहे और अपनी जिम्मेदारियां निभाने में आगे रहे।'' ईरान के मंत्रिमंडल ने चेतावनी दी कि इस ''घोर अपराध का जवाब जरूर दिया जाएगा।' ईरान ने 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।
संयुक्त राष्ट्र ने की हमला की निंदा
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों की शनिवार को निंदा की और ''क्षेत्र और पूरी दुनिया को संकट से निकालने'' के लिए तत्काल फिर से बातचीत शुरू करने का आह्वान किया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने आपातकालीन बैठक में कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ''वरना व्यापक संघर्ष होने की आशंका है जिसके नागरिकों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।'' गुतारेस ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। उन्होंने बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करने के लिए ईरान के जवाबी हमलों की भी निंदा की।
ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में सर्वोच्च सत्ता सर्वोच्च नेता के पास है, जो धार्मिक और राजनीतिक शक्तियों का मिश्रण है। खामेनेई की मौत के बाद, एक नए उत्तराधिकारी का चयन धार्मिक निकाय, विशेषज्ञों की सभा द्वारा किया जाना है। जानकारों के अनुसार, संभावना है कि उनकी जगह और भी कट्टरपंथी नेतृत्व आ सकता है। साथ ही, यह भी संभव है कि लोगों के सड़कों पर उतरने से अशांति और बढ़ सकती है। ईरान में अतीत में आर्थिक स्थितियों और राजनीतिक परिवर्तन की मांगों को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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