पहले US ने किया जबरन डिपोर्ट, अब इस देश की बारी; पंजाब के 11 समेत 15 भारतीयों की आज वापसी

Pramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, चंडीगढ़
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अमेरिका ने पिछले साल करीब 3800 भारतीयों को डिपोर्ट किया था। डिपोर्ट किए गए लोगों में से अधिकांश पंजाब, हरियाणा और गुजरात से थे, जिन्हें मुख्य रूप से गलत कागजात या वीजा उल्लंघन के कारण वापस भेजा गया था।

पहले US ने किया जबरन डिपोर्ट, अब इस देश की बारी; पंजाब के 11 समेत 15 भारतीयों की आज वापसी

पिछले साल यानी 2025 में अमेरिका ने बड़े पैमाने पर करीब 3800 भारतीयों को जबरन निर्वासित यानी डिपोर्ट किया था और अब ऑस्ट्रेलिया ने उसी तर्ज पर भारतीयों का निर्वासन शुरू किया है। आज बुधवार (29 अप्रैल) को ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए गए पंजाब के 11 लोगों समेत कुल 15 भारतीय नई दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। इनमें एक महिला भी शामिल है। यह कार्रवाई अवैध रूप से ऑस्ट्रेलिया में रहने या वीजा नियमों के उल्लंघन के चलते की जा रही है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह आज उन्हें रिसीव करने नई दिल्ली जा रहे हैं। डिपोर्ट किए गए कुल 15 लोगों में पंजाब के 11, तेलंगाना के दो और हरियाणा-उत्तराखण्ड के एक एक लोग शामिल हैं। ये सभी आज रात दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे।

सांसदों के पाला बदलने के मुद्दे पर 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे मान

आप के राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर घमासान के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वह 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संवैधानिक स्तर पर उठाया जाएगा ताकि जनता के जनादेश का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। मान ने कहा कि जिन सदस्यों को पार्टी और जनता के भरोसे उच्च सदन में भेजा गया, उनका दल बदलना गंभीर विषय है। सरकार इस पर सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

पटियाला में रेलवे लाइन पर हुए धमाके की जांच जारी

पटियाला में रेलवे लाइन पर हुए धमाके के मामले में भी मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है। अब तक कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और पूछताछ जारी है। मान ने बताया कि जांच में अमृतपाल सिंह से जुड़े कुछ नाम सामने आने की बात सामने आई है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे किसी का भी राजनीतिक या सामाजिक समर्थन हो, अगर जांच में दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

रिपोर्ट: मोनी देवी

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लेखक के बारे में

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प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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