कौन हैं वो दो कांग्रेसी MLA, जो तमिलनाडु की विजय सरकार में बन रहे मंत्री; 60 साल में पहली बार

Pramod Praveen एएनआई, चेन्नई
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4 मई को आए चुनावी नतीजों में कांग्रेस के 5 विधायक जीते हैं। चुनाव नतीजों के बाद ही कांग्रेस ने DMK नेतृत्व वाले गठबंधन से खुद को किनारा कर लिया और TVK की पहली सरकार को समर्थन दिया था। अब उसे सरकार में भी हिस्सेदारी मिल रही है।

कौन हैं वो दो कांग्रेसी MLA, जो तमिलनाडु की विजय सरकार में बन रहे मंत्री; 60 साल में पहली बार

तमिलनाडु में सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली नई नवेली सरकार में कांग्रेस के दो मंत्री होंगे। वे बृहस्पतिवार (21 मई) को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। यह 59 साल के अंतराल के बाद पहली बार होगा, जब कांग्रेस तमिलनाडु मंत्रिमंडल का हिस्सा होगी। पार्टी के दो विधायक राजेश कुमार और पी विश्वनाथन बृहस्पतिवार को मंत्री पद की शपथ लेंगे। कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने कांग्रेस विधायकों एडवोकेट राजेश कुमार और पी विश्वनाथन को मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाले तमिलनाडु मंत्रिमंडल में शामिल होने की मंजूरी दे दी है, और वे कल मंत्री पद की शपथ लेंगे।"

उन्होंने कहा, "यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, क्योंकि कांग्रेस 59 साल के लंबे अंतराल के बाद तमिलनाडु कैबिनेट में शामिल हो रही है।" वेणुगोपाल ने कहा, “मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। हमें विश्वास है कि वे तमिलनाडु के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करेंगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी द्वारा निर्धारित कल्याणकारी और जनहितैषी शासन के साहसिक दृष्टिकोण को साकार करने के लिए काम करेंगे।”

VCK और IUML के लोग भी होंगे सरकार में शामिल

हाल ही में संपन्न तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को समर्थन दिया, हालांकि वह द्रमुक के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ी थी। पार्टी के राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा में पांच विधायक हैं। विजय की पार्टी सूत्रों के अनुसार, VCK और IUML के उम्मीदवारों के भी विजय के नेतृत्व वाली कैबिनेट में शामिल होने की उम्मीद है, जबकि AIADMK के बागी विधायकों को शामिल करने की कोई योजना नहीं है। TVK के शीर्ष नेता और लोक निर्माण एवं खेल विकास मंत्री, आधव अर्जुन ने बुधवार को कांग्रेस, VCK और IUML से सरकार में शामिल होने का आग्रह किया और कहा कि यह मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की इच्छा है।

कौन हैं दोनों कांग्रेस विधायक?

पी विश्वनाथन मेलूर (मदुरै) से चुने गए हैं, जबकि राजेश कुमार किल्लियूर (कन्याकुमारी) निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीते हैं। राजेश कुमार उन चुनिंदा कांग्रेस नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले ही सत्ता में हिस्सेदारी की मांग की थी। उन्होंने पिछले साल कहा था कि कांग्रेस "गठबंधन सरकार के लिए ज़ोर देगी।" पिछले साल की शुरुआत में, हालांकि कांग्रेस नेताओं का एक वर्ग TVK के साथ गठबंधन के पक्ष में था, लेकिन राष्ट्रीय पार्टी ने DMK के साथ अपना गठबंधन जारी रखने का फैसला किया था।

सत्ता में हिस्सेदारी पर TVK DMK से अलग

2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले, तत्कालीन सहयोगी कांग्रेस द्वारा सत्ता में हिस्सेदारी की मांगों के मद्देनज़र, DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने कहा था कि तमिलनाडु में सत्ता-साझेदारी का फॉर्मूला काम नहीं करेगा। TVK प्रमुख विजय ने 2024 में अपनी पार्टी लॉन्च करने के बाद सत्ता में हिस्सेदारी की पेशकश की थी, लेकिन DMK ने कहा कि यह तमिलनाडु के लिए सही नहीं होगा। सत्ता में हिस्सेदारी की यह मांग DMK और कांग्रेस के रिश्तों में एक बड़ी खटास बन गई थी। स्टालिन और राहुल गांधी ने चुनावों के लिए एक साथ प्रचार नहीं किया।

छह दशक में पहली बार सरकार में कांग्रेस

1952 से 1967 तक, कांग्रेस पार्टी ने तमिलनाडु (जिसे तब मद्रास राज्य के नाम से जाना जाता था) की बागडोर संभाली। इस दौरान सी. राजगोपालाचारी, के. कामराज और एम. भक्तवत्सलम मुख्यमंत्री रहे। आज़ादी के बाद पहला प्रांतीय चुनाव 1952 में हुआ था। 1967 में जब DMK ज़बरदस्त जीत के साथ सत्ता में आई, तब से लेकर 2026 तक भले ही इस पुरानी पार्टी ने DMK और AIADMK दोनों के साथ गठबंधन किया हो लेकिन यह तमिलनाडु की सरकार का हिस्सा कभी नहीं रही। DMK के 2006-11 के शासनकाल के दौरान, कांग्रेस ने सत्ता में हिस्सेदारी की मांग की थी, लेकिन उसे इसमें सफलता नहीं मिली।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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