पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, फिर संसद में चर्चा; कांग्रेस ने सरकार से बहस के प्रस्ताव को ठुकराया
मंगलवार दोपहर राहुल गांधी भाई और उनकी बहन प्रियंका गांधी की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ता खरगे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास के बाहर जमा हुए और वहां से लगभग एक किलोमीटर दूर PM आवास तक मार्च किया।

नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर देश की राजधानी में सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, उनकी बहन और सांसद प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) के बाहर धरना देकर केंद्र सरकार को सीधी चुनौती दे दी है। इस अभूतपूर्व घटनाक्रम में कांग्रेस के प्रदर्शन के बीच ही प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह खुद राहुल गांधी से बातचीत करने पहुँचे लेकिन उनकी बातचीत बेनतीजा रही। दोनों नेताओं के बीच कई मिनटों तक चर्चा हुई, लेकिन राहुल गांधी ने सरकार के समझौते के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से कहा कि सरकार कल इस (छात्रों के विरोध-प्रदर्शन) मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार हैं। इसलिए कृपाकर यह विरोध-प्रदर्शन रोक दीजिए लेकिन राहुल गांधी ने इसे मानने से इनकार कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो, उसके बाद ही संसद में चर्चा हो। इस तरह कांग्रेस ने केंद्रीय मंंत्री के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। सिंह के साथ गृह सचिव गोविंद मोहन भी थे। प्रधानमंत्री के आवास '7 लोक कल्याण मार्ग' के निकट धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं ने यहां 'प्रधानमंत्री इस्तीफा दो' 'गुंडागर्दी नहीं चलेगी' और 'छात्रों को न्याय दो' के नारे भी लगाए।
धरने पर डटे रहेंगे
बहरहाल, कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे और कांग्रेस के लोग पीएम आवास के बाहर धरने पर डटे रहेंगे। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कड़े शब्दों में कहा, "वे चाहते थे कि हम विरोध वापस ले लें, लेकिन हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं। अब यह आंदोलन और बड़ा होगा"
इस्तीफे की मांग और 'बर्बरता' पर वार
इस बीच, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस विरोध प्रदर्शन को सीधे पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे से जोड़ दिया है। सोशल मीडिया पर आक्रामक रुख अपनाते हुए राहुल ने लिखा कि सरकार युवाओं के भविष्य को तबाह करने के लिए जवाबदेह है और कल प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई 'बर्बरता' का हिसाब देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद में चर्चा से भाग रही है और लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।
संसद से सड़क तक संग्राम
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद के अंदर विपक्ष की आवाज़ दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्होंने घायल छात्रों का मुद्दा उठाना चाहा, तो उनका माइक बंद कर दिया गया। उन्होंने सवाल किया, "अगर लोकतंत्र में विपक्ष की बात नहीं सुनी जाएगी, तो हम कहाँ जाएँ?" बता दें कि यह प्रदर्शन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संसद मार्च के एक दिन बाद हो रहा है, जिसमें पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे। जहाँ पुलिस 118 कर्मियों के घायल होने और प्रदर्शनकारियों की हिंसा का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण छात्रों को बेरहमी से पीटा गया। फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने पीएम आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया है लेकिन राहुल गांधी के कड़े रुख से साफ है कि सरकार के लिए यह मुश्किल जल्द खत्म होने वाली नहीं है।


