निपाह वायरस से बंगाल में पहली मौत, टेस्ट निगेटिव के बावजूद नर्स की हार्ट अटैक से चली गई जान
पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में निपाह वायरस इंफेक्शन से जूझ रही 25 साल की एक नर्स की गुरुवार को मौत हो गई। हाल के इतिहास में पश्चिम बंगाल में इस वायरस से यह पहली मौत है।

निपाह वायरस से पश्चिम बंगाल में पहली मौत का मामला सामने आया है। पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के एक प्राइवेट अस्पताल में निपाह वायरस इंफेक्शन से जूझ रही 25 साल की एक नर्स की गुरुवार (12 फरवरी) को मौत हो गई। हाल के इतिहास में पश्चिम बंगाल में इस वायरस से यह पहली मौत है। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि नर्स, उन दो लोगों में एक थीं, जो निपाह वायरस से संक्रमित हुए थे और कई हफ़्तों से इलाज करा रही थी। हालांकि, हाल ही में उसका वायरस टेस्ट नेगेटिव आया था, बावजूद इसके उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी और गुरुवार को हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नर्स को जनवरी के अंत में जीवन-रक्षक प्रणाली से हटाया गया था। उन्होंने कहा, ''आज दोपहर हृदयगति रुकने से उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि वह निपाह संक्रमण से उबर चुकी थीं, लेकिन वह कई जटिलताओं से ग्रस्त थीं।''
समय तक कोमा में थीं नर्स
अधिकारी ने बताया कि नर्स लंबे समय तक कोमा में थीं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई और बाद में उन्हें फेफड़ों का संक्रमण हो गया था। उन्होंने बताया कि वह उन दो लोगों में से एक थीं जिनके पिछले महीने निपाह से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। दूसरा संक्रमित व्यक्ति पुरुष नर्स है और ठीक हो चुका है।
जानवरों से इंसानों में फैलता है ये वायरस
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को शाम करीब 4 बजे बारासात के प्राइवेट हॉस्पिटल में उनकी मौत हो गई। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन (WHO) के मुताबिक, निपाह वायरस इन्फेक्शन एक जूनोटिक बीमारी है जो जानवरों से इंसानों में फैलती है, और यह खराब खाने या सीधे इंसान से इंसान के संपर्क में आने से भी फैल सकती है।

लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।




