Hindi NewsIndia NewsFirst Bullet train project Delay of over 4 years pushes up cost by 83 percent
4 साल की देरी, बढ़ती जा रही पहली बुलेट ट्रेन की लागत; 2 लाख करोड़ के पास पहुंचा खर्च; वजहें?

4 साल की देरी, बढ़ती जा रही पहली बुलेट ट्रेन की लागत; 2 लाख करोड़ के पास पहुंचा खर्च; वजहें?

संक्षेप:

परियोजना के पूर्ण होने पर सड़क परिवहन की तुलना में लगभग 95% कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जिससे यह न केवल तेज बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

Jan 03, 2026 10:36 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना- अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में चार साल से अधिक की देरी के कारण लागत में भारी इजाफा हुआ है। अब इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो शुरुआती स्वीकृत लागत की तुलना में लगभग 83 प्रतिशत अधिक है। पहले इस परियोजना को करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये की लागत पर मंजूरी दी गई थी।

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यह जानकारी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHRSCL) द्वारा लागू की जा रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर सरकार की ‘प्रगति’ पहल के तहत आयोजित एक ब्रीफिंग में दी गई। इस दौरान रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं सीईओ सतीश कुमार ने कहा कि संशोधित लागत को लेकर अंतिम स्वीकृति अभी बाकी है, लेकिन यह आंकड़ा करीब 1.98 लाख करोड़ रुपये के आसपास है। उन्होंने बताया कि लागत का पुनरीक्षण जारी है और इसे एक-दो महीनों में अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

समय और लागत बढ़ने के कारण

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, परियोजना में देरी और लागत बढ़ने के पीछे कई कारण रहे हैं। इनमें भूमि अधिग्रहण में देरी, कानूनी/वैधानिक मंजूरियों में समय लगना और रोलिंग स्टॉक (ट्रेनों) के अंतिम चयन में हुई देर प्रमुख हैं। रेलवे के अनुसार, 30 नवंबर तक परियोजना की भौतिक प्रगति 55.6% और वित्तीय प्रगति 69.6% थी। इस अवधि तक 85,801 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने रेलवे मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा के दौरान इस परियोजना को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए थे।

निर्माण में अहम उपलब्धि

इस बीच, शुक्रवार को रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन से वर्चुअल माध्यम से महाराष्ट्र के पालघर जिले में परियोजना से जुड़े 1.5 किलोमीटर लंबे पर्वतीय सुरंग के अंतिम ब्रेकथ्रू का साक्षी बने। उन्होंने इसे एक बड़ा मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि माउंटेन टनल-5 के ब्रेकथ्रू के रूप में दर्ज हुई है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, यह सुरंग पालघर जिले की सबसे लंबी सुरंगों में से एक है और विरार तथा बोईसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि यह महाराष्ट्र में दूसरी सुरंग का ब्रेकथ्रू है। इससे पहले ठाणे और बीकेसी (बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स) के बीच 5 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग सितंबर 2025 में पूरी हो चुकी है।

320 किमी/घंटा रफ्तार, पर्यावरण को भी फायदा

यह बुलेट ट्रेन परियोजना गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरती है। इसे 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन संचालन के लिए डिजाइन किया गया है। इसके अलावा, कॉरिडोर को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि भविष्य में एडवांस जापानी E10 सीरीज शिंकानसेन ट्रेनों का संचालन भी संभव हो, जो मौजूदा डिजाइन स्पीड से 20 किमी/घंटा अधिक रफ्तार से चल सकेंगी।

परियोजना के पूर्ण होने पर सड़क परिवहन की तुलना में लगभग 95% कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जिससे यह न केवल तेज बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित होगी। परियोजना का पहला चरण- सूरत से बिलीमोरा के बीच अगस्त 2027 में उद्घाटित किए जाने की योजना है, जबकि पूरे 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के दिसंबर 2029 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

Amit Kumar
अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें
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