Cabinet reshuffle: पहले BJP की नई टीम का होगा ऐलान, फिर मोदी करेंगे कैबिनेट विस्तार; इन नामों पर मंथन
Cabinet reshuffle: दिल्ली भाजपा में हाल ही में हुए संगठनात्मक बदलावों का असर भी केंद्रीय कैबिनेट पर पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, हर्ष मल्होत्रा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद कैबिनेट से बाहर हो सकते हैं।

Cabinet reshuffle: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में राष्ट्रीय संगठन के पुनर्गठन की लगभग तैयारी पूरी कर ली है। इसको लेकर दिल्ली में कई राउंड की उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं। अभी कुछ दौर की बैठकें और होनी है। इसके बाद कभी भी भाजपा की नई टीम का ऐलान हो सकता है। इसके साथ ही इस बात की भी चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जल्द ही अपनी कैबिनेट का विस्तार कर सकते हैं। हालांकि, इससे पहले भाजपा की नई टीम का ऐलान होना तय है।
इन राजनीतिक चर्चाओं को उस समय और गति मिली जब बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चली। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम को अंतिम रूप देने पर बेहद बारीक और विस्तृत चर्चा हुई। सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने नए संगठनात्मक नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है और किसी भी समय नई राष्ट्रीय टीम के नामों का ऐलान किया जा सकता है। भाजपा इस नई टीम को आगामी विधानसभा चुनावों के साथ-साथ साल 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मान रही है।
राज्यों से मांगे गए थे सुझाव
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन ने नया संगठनात्मक ढांचा तैयार करने से पहले लगभग सभी राज्यों की अपनी भाजपा की टीम से सिफारिशें और नाम मांगे थे। राज्यों के नेतृत्व द्वारा विभिन्न संगठनात्मक पदों के लिए संभावित नेताओं के नाम भेजे जाने के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने राष्ट्रीय स्तर के पदों के लिए उम्मीदवारों की एक व्यापक सूची तैयार की। सूत्रों ने बताया कि बुधवार देर रात तक इन नामों पर मंथन किया गया और अब यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। शीर्ष नेतृत्व से केवल औपचारिक मंजूरी और आधिकारिक घोषणा होना ही बाकी है। भाजपा इस बदलाव को केवल एक रूटीन फेरबदल के रूप में नहीं देख रही है। भगवा पार्टी का मानना है कि नए पदाधिकारी कई राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति बनाने और 2029 के रण के लिए जमीन मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे। यही वजह है कि नए चेहरों के चयन में क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मोदी कैबिनेट में फेरबदल का रास्ता होगा साफ
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि संगठनात्मक कवायद पूरी होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में बड़े विस्तार और फेरबदल का रास्ता साफ हो जाएगा। सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में मंत्रियों के विभागों में बदलाव को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य संसद के आगामी मॉनसून सत्र से पहले मंत्रिपरिषद को एक नया रूप देना है। इस कवायद में कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में बदलाव के साथ-साथ नए चेहरों को भी शामिल किया जा सकता है। नेतृत्व विशेष रूप से उन राज्यों को अधिक प्रतिनिधित्व देने पर विचार कर रहा है जहां निकट भविष्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
पंजाब और दिल्ली के समीकरणों पर विशेष नजर
इस पूरी कवायद में पंजाब और दिल्ली को लेकर विशेष चर्चाएं चल रही हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर होने की संभावना बढ़ गई है। यदि ऐसा होता है तो पंजाब से किसे कैबिनेट में जगह मिलेगी, इस पर मंथन तेज हो गया है। सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण चुघ को मोदी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। भाजपा ने हाल ही में सिख समुदाय को प्रतिनिधित्व देने के लिए केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया था, जबकि तरुण चुघ को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में हिंदू चेहरे के रूप में देखा जा रहा है।
दूसरी तरफ दिल्ली भाजपा में हाल ही में हुए संगठनात्मक बदलावों का असर भी केंद्रीय कैबिनेट पर पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, हर्ष मल्होत्रा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद कैबिनेट से बाहर हो सकते हैं। उनके स्थान पर पश्चिम दिल्ली के सांसद योगेंद्र चंदोलिया को कैबिनेट में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। पार्टी नेताओं का मानना है कि चंदोलिया के आने से दलित प्रतिनिधित्व मजबूत होगा, जबकि दिल्ली में पहले से ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के रूप में महिलाओं को नेतृत्व में प्रतिनिधित्व मिला हुआ है।
चैतरफा चल रही यह कवायद दिखाती है कि भाजपा आगामी चुनावों से पहले संगठन और सरकार दोनों में महिलाओं, दलितों, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), सिख समुदाय और विभिन्न क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व देकर एक अभेद्य सोशल इंजीनियरिंग तैयार करने में जुटी है। सूत्रों का स्पष्ट संकेत है कि पहले संगठन की नई टीम आएगी और उसके ठीक बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट विस्तार का मंच सजेगा।
लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।
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