केंद्रीय मंत्री ने दिया इस्तीफा, फिर राष्ट्रपति से मिले पीएम मोदी; अब होने वाला है बड़ा काम
मोदी सरकार 3.0 में पहला इस्तीफा! केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने पद छोड़ा, राष्ट्रपति ने मंजूर किया। पीएम मोदी की राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कैबिनेट फेरबदल की जोरदार अटकलें तेज। पूरी डिटेल पढ़ें।

मोदी सरकार 3.0 में पहला इस्तीफा आ चुका है। केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर इसे तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया। इसके कुछ घंटों बाद पीएम मोदी राष्ट्रपति भवन पहुंचे। अब सियासी गलियारों में चर्चा है कि मंत्रिपरिषद में बड़ा फेरबदल होने वाला है। मॉनसून सत्र से पहले 30-40% तक मंत्रियों की भूमिका बदली जा सकती है। नए चेहरे आएंगे, कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियां बदली जाएंगी और कुछ को संगठन में भेजा जा सकता है।
अब तक क्या हुआ?
21 जून 2026 को जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया था। वे मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे। भाजपा ने उन्हें दोबारा नामांकन नहीं दिया। संवैधानिक प्रावधान के मुताबिक संसद सदस्य न रहने पर मंत्री पद छोड़ना जरूरी था, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
राष्ट्रपति भवन के बयान में साफ कहा गया- भारत की राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत जॉर्ज कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
कुरियन अल्पसंख्यक मामलों के अलावा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में भी राज्य मंत्री थे। वे मोदी कैबिनेट में भाजपा के इकलौते ईसाई चेहरा माने जाते थे और केरल से आते हैं।
पीएम मोदी का राष्ट्रपति से मिलना क्यों अहम?
इस्तीफे के कुछ देर बाद पीएम मोदी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात को सामान्य नहीं माना जा रहा क्योंकि ठीक इसी समय कैबिनेट फेरबदल की खबरें तेज हो गई हैं। राष्ट्रपति भवन ने मुलाकात की तस्वीरें भी जारी कीं।
सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात मंत्रिपरिषद में व्यापक बदलाव की तैयारी का संकेत है। संसद के मॉनसून सत्र से पहले यह फेरबदल हो सकता है। भाजपा अंदरूनी सूत्र कह रहे हैं कि यह एक बड़ा फेरबदल होगा, जिसमें कई मंत्रियों की जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं और नए चेहरे शामिल किए जाएंगे।
संभावित नए चेहरे और शामिल होने वाले नाम (अटकलें)
तरुण चुघ (BJP राष्ट्रीय महासचिव): पंजाब कोटे से मजबूत दावेदार। उन्हें कुरियन या बिट्टू की जगह मंत्री बनाया जा सकता है।
राघव चड्ढा (AAP से BJP में शामिल): पंजाब से नया चेहरा लाने की चर्चा जोरों पर। शिक्षा या अन्य महत्वपूर्ण विभाग मिल सकता है।
महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से नए चेहरे: भाजपा की हालिया सफलताओं को देखते हुए इन राज्यों से ज्यादा प्रतिनिधित्व दिए जाने की संभावना। शिवसेना (शिंदे) से अतिरिक्त मंत्री शामिल हो सकते हैं।
जिनकी छुट्टी या शिफ्ट होने की अटकलें:
रवनीत सिंह बिट्टू: उनका राज्यसभा कार्यकाल खत्म, रिनॉमिनेशन नहीं मिला। पंजाब में संगठनात्मक भूमिका मिल सकती है।
पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा: 'एक व्यक्ति, एक पद' के तहत UP और दिल्ली BJP अध्यक्ष बनने के बाद इस्तीफा दे सकते हैं।
फेरबदल में क्या हो सकता है?
कई मंत्रियों के पास कई मंत्रालय हैं। जैसे अश्विनी वैष्णव, प्रह्लाद जोशी, मनसुख मांडविया आदि। इनमें से कुछ पोर्टफोलियो नए लोगों को दिए जा सकते हैं। इसी साल भाजपा के कुछ राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल भी खत्म होने वाला है या संगठनात्मक भूमिकाओं में लगे मंत्रियों को राहत दी जा सकती है।
महिलाओं, सहयोगी दलों (जैसे जदयू, टीडीपी) और कुछ राज्यों (बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र) से ज्यादा प्रतिनिधित्व देने पर जोर रह सकता है। इसके अलावा, कुछ विवादों में रहे मंत्रियों की स्थिति पर भी नजर है, हालांकि पीएम मोदी अक्सर ऐसे दबावों से नहीं झुकते। जॉर्ज कुरियन अब पार्टी संगठन में केरल या ईसाई समुदाय के आउटरीच पर फोकस कर सकते हैं।
फेरबदल के पीछे मुख्य कारण:
- संसद के मानसून सत्र की तैयारी।
- 2027 के विधानसभा चुनाव (UP, पंजाब आदि)।
- 'एक व्यक्ति, एक पद' नीति का सख्ती से पालन।
- क्षेत्रीय संतुलन (महिलाएं, अल्पसंख्यक, सहयोगी दल)।
- नए चेहरों से ताजगी और परफॉर्मेंस बूस्ट।
जॉर्ज कुरियन कौन हैं?
1960 में केरल के कोट्टायम में जन्मे जॉर्ज कुरियन सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं। 1980 से भाजपा से जुड़े। नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटीज के वाइस चेयरमैन रह चुके हैं। 9 जून 2024 को मोदी सरकार 3.0 में उन्हें मंत्री बनाया गया था।
यह इस्तीफा औपचारिक था, लेकिन पीएम की राष्ट्रपति से मुलाकात ने इसे बड़ा राजनीतिक संकेत बना दिया है। अभी आधिकारिक तौर पर फेरबदल की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन तैयारियां तेज मानी जा रही हैं।
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