
महिला डॉक्टर ने हॉस्पिटल को दान कर दिए 3.4 करोड़ रुपए, खास अंदाज में मनाया 100वां जन्मदिन
अस्पताल प्रबंधन ने बताया है कि सेवानिवृत्त होने तक देश की निस्वार्थ सेवा करने वाली प्रो. बाई का यह योगदान भुवनेश्व एम्स की काबिलियत, नैतिकता और सेवा के प्रति प्रतिबद्धता में उनके अटूट विश्वास को दर्शाता है।
ओडिशा की मशहूर स्त्री रोग विशेषज्ञ ने शुक्रवार को अपने 100वें जन्मदिन पर भुवनेश्वर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के प्रसूति और स्त्री रोग विभाग को 3.4 करोड़ रुपए दान कर दिए। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि मशहूर प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रो. के. लक्ष्मी बाई ने अपने 100वें जन्मदिन पर राष्ट्रीय संस्थान को 3.4 करोड़ रुपये दान करके भुवनेश्वर एम्स को विश्वास और भलाई का एक असाधारण तोहफ़ा दिया है।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि 1945 में अपनी चिकित्सा डिग्री हासिल करने से लेकर 1986 में बरहामपुर के एमकेसीजी चिकित्सा महाविद्यालय से सेवानिवृत्त होने तक देश की निस्वार्थ सेवा करने वाली प्रो. बाई का यह योगदान भुवनेश्वर एम्स की काबिलियत, नैतिकता और सेवा के प्रति प्रतिबद्धता में उनके अटूट विश्वास को दर्शाता है।
इस मौके पर भुवनेश्वर एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. आशुतोष बिस्वास ने प्रो. बाई की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा, "प्रोफेसर बाई का यह असाधारण काम ना सिर्फ एक आशीर्वाद है, बल्कि संस्थान की मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल, चिकित्सा शिक्षा और उन्नत अनुसंधान में लगातार किए जा रहे प्रयासों की एक मजबूत पहचान भी है।"
बिस्वास ने कहा है कि निधि का सही और पारदर्शी इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए, कार्यकारी निदेशक की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ परामर्शदात्री समिति बनाई गई है। दान की गई रकम को एक समग्र निधि के तौर पर रखा जाएगा, जिससे मिलने वाले ब्याज का इस्तेमाल स्त्री रोग संबंधी दुर्दमता (कैंसर) में अनुसंधान, गरीब और पिछड़े लोगों को सामुदायिक ऑन्कोलॉजी सेवाएं देने और ऑन्कोलॉजी की रोकथाम की पहलों को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दीं शुभकामनाएं
इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी प्रोफेसर बाई को उनके जन्मदिन के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति ने कैंसर देखभाल के लिए अपनी खुद की कमाई की बचत दान करने के उनके असाधारण काम की सराहना की है। प्रोफेसर बाई को लिखे एक आधिकारिक पत्र में राष्ट्रपति मुर्मु ने उनके नेक योगदान की सराहना की और विश्वास व्यक्त किया कि भुवनेश्वर गरीब और जरूरतमंद समुदायों के लिए कैंसर देखभाल सेवाओं को मजबूत करने के लिए उनके उदार समर्थन का सबसे अच्छा और प्रभावी ढंग से उपयोग करेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि प्रोफेसर बाई जैसे दयालु और ज़िम्मेदार नागरिकों की भागीदारी देश भर के अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का काम करती है कि वे आगे आएं और सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण में सरकार की पहलों का समर्थन करें।





