
PAK की जेल में है गलती से सीमा करने वाला पंजाब का किसान, कोर्ट ने सुनाई एक महीने की कैद
अमृतपाल सिंह 15 जून को भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अपने खेतों में काम करने गया था। अमृतपाल को शाम 5 बजे तक लौटना था लेकिन बीएसएफ के गेट बंद करने तक अमृतपाल नहीं लौटा।
पंजाब के फाजिल्का जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे गांव खैरेके उताड़ का लापता युवा किसान पाकिस्तान की जेल में है। किसान अमृतपाल सिंह ने परिजनों को वीडियो भेजकर यह जानकारी दी है। अमृतपाल को इस्लामाबाद की जेल में रखा गया है। पाकिस्तान की कोर्ट ने एक माह की कैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने की स्थिति में उसे 15 दिन और जेल में रहना होगा। अमृतपाल के पिता जगराज सिंह ने बताया इस फैसले से उन्हें पर कुछ राहत मिली है, क्योंकि अदालत ने सजा पूरी होने के बाद उसे भारत वापस भेजने के लिए निर्देश दिए हैं। जुगराज सिंह ने केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि ये जुर्माना तभी अदा किया जा सकता है, जब विदेश मंत्री पाकिस्तान में पत्र भेजेंगे कि उनके अमृतपाल को डिपोर्ट किया जाए। जुर्माना अदा न करने पर उसे 15 दिन और जेल की सजा काटनी होगी।

पाक रेंजर्स ने पहले कर दिया था साफ मना
अमृतपाल सिंह 15 जून को भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अपने खेतों में काम करने गया था। अमृतपाल को शाम 5 बजे तक लौटना था लेकिन बीएसएफ के गेट बंद करने तक अमृतपाल नहीं लौटा। बीएसएफ कर्मियों ने बाद में जांच की तो पता लगा की अमृतपाल अनजाने में सीमा पार कर गया है। बीएसएफ ने पाक रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग की तो उनकी तरफ से कहा गया कि पाकिस्तान की सरहद में ऐसा कोई शख्स नहीं आया और उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। वहीं, लापता किसान के परिजनों का आरोप था कि उनके बेटे को पाकिस्तानी रेंजर्स उठाकर ले गए हैं और झूठ बोल रहे हैं।
खेतों में मिले थे पैरों के निशान
परिजनों ने लापता अमृतपाल की खोज के लिए बीएसएफ से गुहार लगाई तो बीएसएफ जवानों ने फेंसिंग पार खेतों में सर्च अभियान चलाया लेकिन उसका सुराग नहीं मिला। खेतों की मिट्टी में अमृतपाल के पैरों के निशान पाकिस्तान की ओर जाते दिखे थे। भारत-पाक अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग हुई। उसके बाद बीएसएफ ने परिवार को सूचित किया कि अमृतपाल पाकिस्तान की तरफ गया है लेकिन पाक रेंजर्स के मुताबिक उन्हें ऐसा कोई शख्स नहीं मिला। अब जाकर साफ हुआ है कि वह पाकिस्तान में ही चला गया था।
रिपोर्ट: मोनी देवी

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Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
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