प्रदर्शन कर रहे कॉकरोचों को लटका देना चाहिए, क्या केंद्रीय मंत्री ने कही ऐसी बात; जानिए सच
सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का एक बयान वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पीयूष गोयल कहते सुनाई दे रहे हैं कि मेरा साफ मानना है कि हमें दो-तीन कॉकरोचों को सरेआम लटका देना चाहिए। इसे फेक बताया गया है।

सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का एक बयान वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पीयूष गोयल कहते सुनाई दे रहे हैं कि मेरा साफ मानना है कि हमें दो-तीन कॉकरोचों को सरेआम लटका देना चाहिए। ताकि इस कॉकरोच जनता पार्टी को असलियत का अंदाजा हो जाए कि हमारी ताकत क्या है और हम किस हद तक जा सकते हैं। जब ये लोग अपने दो-तीन कॉकरोचों को इस तरह लटकते हुए देखेंगे, तो इनका सारा हुड़दंग शांत हो जाएगा। हालांकि यह वीडियो पूरी तरह से फेक है। पीआईबी फैक्ट चेक ने इसको लेकर एक्स पर पोस्ट किया है। इसमें कहा गया है कि यह असली वीडियो नहीं है और इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है।
फर्जी वीडियो से सावधान
पीआईबी फैक्ट चेक की तरफ से जारी पोस्ट में लिखा है कि फर्जी वीडियो से सावधान! पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा वाले कुछ सोशल मीडिया अकाउंट एक वीडियो प्रसारित कर रहे हैं। इसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बारे में झूठा दावा किया गया है कि उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ धमकी भरी टिप्पणी की।
पीआईबी फैक्ट चेक की तरफ से कहा गया है कि यह वीडियो फर्जी है और एआई की मदद से तैयार किया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली में हुए प्रदर्शन के संबंध में ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
असल में क्या बोले केंद्रीय मंत्री
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने, स्पष्ट कर दिया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर कड़ी सजा दी जाएगी। आगे चलकर भी सरकार कई कदम उठाएगी, जिससे हमारे युवओं की आशाएं-अपेक्षाएं, पूरी की जा सकें। साथ ही उन्होंने कहाकि हमारा कांग्रेस पार्टी और विपक्ष से अनुरोध है कि इस विषय का राजनीतिकरण ना करें। पीयूष गोयल ने विपक्ष पर चर्चा से भागने और मुद्दे का राजनीतिकरण करने का भी आरोप लगाया।
क्या है मामला
असल में पीयूष गोयल का फेक वीडियो कई सोशल मीडिया हैंडल्स पर प्रसारित किया जा रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को फांसी पर लटकाने की बात कर रहे हैं। जबकि पीआईबी ने इस दावे को पूरी तरह से नकार दिया है। पीआईबी की तरफ से जो फैक्ट चेक किया गया है, उसमें पाया गया है कि एआई से पीयूष गोयल की आवाज बदलकर उसे सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।


