ChatGPT से बनाया फर्जी PMO ID कार्ड! मुंबई में पकड़े गए ‘नकली अफसर’ का बड़ा खुलासा
बांद्रा की एस्प्लेनेड अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि आरोपी रोहन ने ChatGPT जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद से फर्जी PMO पहचान पत्र और प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक पत्रों के ड्राफ्ट तैयार किए थे।
मुंबई के वांद्रे-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित 'जियो वर्ल्ड प्लाजा' मॉल में खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बताकर सुरक्षाकर्मियों पर धौंस जमाने वाले 24 साल के रोहन पारिख के मामले में मुंबई पुलिस ने अदालत में बड़ा खुलासा किया है।
शुक्रवार को बांद्रा की एस्प्लेनेड अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि आरोपी रोहन ने ChatGPT जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद से फर्जी PMO पहचान पत्र और प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक पत्रों के ड्राफ्ट तैयार किए थे।
पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद रोहन पारिख और उसके साथ मौजूद सशस्त्र गार्ड 49 साल के दिलीप कुंडे को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था।
पुलिस ने कोर्ट को क्या बताया?
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि रोहन के मोबाइल की सर्च हिस्ट्री में PMO के पत्र का ड्राफ्ट बनाने से जुड़े सबूत मिले हैं। आरोपी ने 2025 से ही अपनी "सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने" के लिए ये नकली दस्तावेज बनाए थे। पुलिस ने आगे की जांच के लिए और रिमांड की मांग की।
आरोपियों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सतीश मानेशिंदे ने कहा कि आरोपियों ने दस्तावेज खुद बनाए हैं और इसमें किसी तीसरे पक्ष का हाथ नहीं है। पुलिस पहले ही मोबाइल, लैपटॉप और कागजात जब्त कर चुकी है, इसलिए कस्टडी की अब कोई जरूरत नहीं है।
मजिस्ट्रेट ने पुलिस की दलीलों को और कस्टडी के लिए अपर्याप्त मानते हुए दोनों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की जमानत अर्जी पर 17 सितंबर को अगली सुनावणी होगी।
पूर्व सैनिक निकला बॉडीगार्ड
मामले में गिरफ्तार दूसरा आरोपी दिलीप कुंडे एक पूर्व सैन्यकर्मी है। पुलिस ने दिलीप के पास से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर जब्त की है।
पुलिस का दावा है कि कुंडे ने स्वीकार किया है कि वह रोहन पारिख के व्यावसायिक बॉडीगार्ड के रूप में काम कर रहा था और उसने अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए दिए गए शस्त्र लाइसेंस का व्यावसायिक रूप से दुरुपयोग किया।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 7 सितंबर 2026 की है, जब पीएम मोदी के 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026' में भाग लेने से ठीक एक दिन पहले बीकेसी स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा में आरोपी फर्जी पीएमओ आईडी और हथियारबंद गार्ड के साथ मॉल में घुसा था। सिक्योरिटी गार्ड्स से विवाद के बाद मॉल प्रशासन की शिकायत पर बीकेसी पुलिस ने FIR दर्ज कर तीनों को पकड़ा था।
पहले आरोपी के वकील ने दावा किया था कि वह अपनी महिला मित्र के लिए परफ्यूम खरीदने मॉल गया था और उसका पीएम के दौरे से कोई संबंध नहीं था। फिलहाल पुलिस और क्राइम ब्रांच इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इन फर्जी AI-जनरेटेड दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी अन्य स्थान पर तो नहीं किया गया था।


