एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर ने बिगाड़ा खेल, TCS के 7 कर्मचारियों को पहुंचाया जेल; धर्मांतरण की भी बात

Apr 15, 2026 06:06 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share

फरवरी में जब दानिश और उस महिला के बीच अनबन हुई तो महिला के माता-पिता ने राजनीतिक दबाव में आकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसी विवाद की आड़ में अन्य कर्मचारियों को भी घसीट लिया गया।

एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर ने बिगाड़ा खेल, TCS के 7 कर्मचारियों को पहुंचाया जेल; धर्मांतरण की भी बात

महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीपीओ (BPO) यूनिट में यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोपों ने एक नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस मामले में कुल 9 एफआईआर दर्ज की हैं। गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों के परिजनों ने इन आरोपों को साजिश और निजी रंजिश का नतीजा करार दिया है। इस पूरे विवाद के केंद्र में मुख्य आरोपी दानिश शेख और एक महिला कर्मचारी के बीच का विफल रिलेशनशिप बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने भी सोमवार को पुष्टि की कि इस प्रकरण की गहन जांच जारी है।

अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में गिरफ्तार किए गए एक वरिष्ठ कर्मचारी की पत्नी ने दावा किया कि यह पूरा मामला मुख्य आरोपी दानिश और शिकायतकर्ता महिला के बीच के प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ। उन्होंने कहा, "ऑफिस में हर कोई उनके रिश्ते के बारे में जानता था। वह महिला दानिश के लिए घंटों इंतजार करती थी और उसके प्रभाव में आकर व्रत रखने और उसके धर्म के अनुसार पहनावा पहनने लगी थी।"

परिजनों का आरोप है कि फरवरी में जब दानिश और उस महिला के बीच अनबन हुई तो महिला के माता-पिता ने राजनीतिक दबाव में आकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसी विवाद की आड़ में अन्य कर्मचारियों को भी घसीट लिया गया, जिनका दानिश के निजी जीवन या इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था।

झांसा देकर दानिश शेख ने बनाए यौन संबंध

मुख्य आरोपी पर बलात्कार (शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाना) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है। आरोप है कि दानिश ने अपनी शादी और दो बच्चों की बात छुपाई थी। अन्य सात पुरुष कर्मचारियों पर कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप हैं। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जबरन धर्म के प्रति प्रभावित करने के सबूत मिले हैं।

पुणे स्थित ऑपरेशंस मैनेजर अश्विनी चैनानी को भी गिरफ्तार किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने यौन उत्पीड़न की मौखिक शिकायतों को नजरअंदाज किया और मामले को दबाने की कोशिश की।

मेरे पति शाकाहारी भोजन ले जाते था ऑफिस- आरोपी की पत्नी

गिरफ्तार कर्मचारी की पत्नी ने धार्मिक भेदभाव के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "मेरे पति हमेशा टिफिन में शाकाहारी भोजन ही ले जाते थे ताकि उनके सहकर्मियों को कोई असुविधा न हो। जो व्यक्ति दूसरों की आस्था का इतना सम्मान करता हो वह धर्म के खिलाफ कैसे बोल सकता है?"

हस्ताक्षर करने बुलाई पुलिस, गिरफ्तार कर ली

उन्होंने यह भी बताया कि उनके पति को 1 अप्रैल को पुलिस स्टेशन सिर्फ हस्ताक्षर करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन आधी रात को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने दावा किया कि जिन महिलाओं ने अब शिकायत की है, उन्होंने पहले कभी ऑफिस के आंतरिक तंत्र में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।

मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के एक अधिकारी ने बताया कि सभी एफआईआर महिलाओं के बयानों के आधार पर दर्ज की गई हैं। अधिकारी ने कहा, "हमने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए हैं और महिलाओं को बिना किसी डर के बोलने का भरोसा दिया है। हम सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच करेंगे और साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल करेंगे।"

टीसीएस ने फिलहाल सभी सात आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। टाटा समूह के चेयरमैन ने स्पष्ट किया है कि कंपनी कार्यस्थल पर सुरक्षा और मर्यादा के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। बचाव पक्ष के वकीलों का तर्क है कि ऑफिस में हंसी-मजाक में कही गई बातों और लोगों की स्वैच्छिक पसंद को अपराध का रूप दे दिया गया है। गिरफ्तार लोगों में एक इंजीनियर ऐसा भी है जिसने मात्र तीन महीने पहले ही कॉलेज प्लेसमेंट के जरिए कंपनी ज्वाइन की थी।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

और पढ़ें