
कुछ अच्छे, कुछ बुरे... पाक आर्मी चीफ मुनीर के बारे में बोले जयशंकर, पुतिन पर भी बात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत के लिए पाकिस्तानी सेना हमेशा से एक वास्तविकता रही है। क्योंकि हमारी ज्यादातर समस्याएं वहीं से शुरू होती हैं। लेकिन हमें इसको लेकर जरूरत से ज्यादा चिंतित करने की जरूरत नहीं है।
S Jaishankar: भारत के पाकिस्तान के साथ संबंधों पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खुलकर बात की। हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में पाकिस्तान सेना के प्रमुख आसिम मुनीर को लेकर विदेश मंत्री ने कहा कि कुछ सैन्य नेता अच्छे होते हैं, तो कुछ अच्छे नहीं होते हैं। हालांकि, हमें उनका सामना करना होता है। वहीं, पाकिस्तानी सेना पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी ज्यादातर समस्याएं वहीं से शुरू होती हैं, लेकिन तब भी हमें जरूरत से ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।
नई दिल्ली में आयोजित समिट में विदेश मंत्री ने पाकिस्तानी सेना की वजह से होने वाली परेशानी पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत के लिए पाकिस्तानी सेना हमेशा से एक वास्तविकता रही है। हमारी अधिकांश समस्याएं वहीं से शुरू होती हैं, ऐसे में हमें उनका सामना करना होता है।
पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष में भारत ने पाकिस्तानी आतंकी संगठनों को जबरदस्त चोट पहुंचाई थी। लेकिन उस संघर्ष के बाद भारत और अमेरिका के रिश्ते खराब होते नजर आए थे, एक और जहां पाकिस्तान की तरफ से कुछ देश खुलकर समर्थन दे रहे थे, वहीं भारत खुद को अलग-थलग महसूस कर रहा था। विदेश मंत्री एस जयशंकर से जब यह सवाल पूछा गया कि क्या कूटनीतिक स्तर पर भारत को अलग-थलग किया जा रहा है। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा,"पाकिस्तान और भारत की स्थिति पर नजर डालिए, क्षमता, छवि और स्थिति में कितना अंतर है। हमें खुद को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है और न ही खुद की तुलना उनसे करते रहना चाहिए। हां, समस्याएं हैं और हम उनसे निपट लेंगे।"
पुतिन की भारत यात्रा पर बात
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा को लेकर जयशंकर ने कहा कि भारत जैसे देश के लिए प्रमुख साझेदारों के साथ अच्छे संबंध होना जरूरी है। उन्होंने कहा, "हम जैसे... एक बड़े, उभरते हुए और भविष्य में और महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले देश के लिए यह जरूरी है कि हमारे प्रमुख सहयोगियों के साथ हमारे संबंध मजबूत रहें। हम जितने देशों के साथ संभव हो, अच्छे सहयोग बनाए रखें, ताकि हमारे पास विकल्प चुनने की स्वतंत्रता हो। मूल रूप से यही विदेश नीति कि परिभाषा है।
विदेश मंत्री से जब यह पूछा गया कि क्या पुतिन की यात्रा से अमेरिका से जारी व्यापार वार्ता में कोई फर्क पड़ेगा? इसका जवाब देते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि हम दूसरे देशों साथ अपने संबंध को किसी तीसरे देश के आधार पर तय नहीं करते हैं। उन्होंने कहा, "मैं इस बात से असहमत हूं। दुनिया का हर देश जानता है कि भारत के सभी प्रमुख देशों के साथ संबंध हैं। कोई भी देश यह उम्मीद नहीं कर सकता कि उसे यह अधिकार या वीटो मिल गया है कि हम दूसरों के साथ अपने रिश्ते उसके आधार पर तय करेंगे। यह बिल्कुल गलत है।" उन्होंने कहा, "ध्यान रखिए, अगर कोई ऐसी उम्मीद कर रहा है तो फिर दूसरे भी ऐसी उम्मीद कर सकते हैं। इसलिए हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि हमारे कई रिश्ते हैं और हमारे पास अपनी पसंद की स्वतंत्रता है।"





