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फरीदाबाद वाले विस्फोटक ने ही ली नौगाम में 9 की जान, गृह मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश

फरीदाबाद वाले विस्फोटक ने ही ली नौगाम में 9 की जान, गृह मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश

संक्षेप:

गृह मंत्रालय ने कहा है कि नौगाम के थाने में विस्फोट उसी सामग्री में हुआ था जो कि फरीदाबाद से जब्त करके लाई गई थी। मंत्रालय ने कहा कि इस मामले में अटकलबाजी की जरूरत नहीं है। एजेंसियां जांच करेंगी।

Nov 15, 2025 11:50 am ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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नौगाम थाने में हुए विस्फोट को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि यह धमाका उसी विस्फोटक के ढेर में हुआ है जो कि फरीदाबाद से जब्त किया गया था। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रशांत लोखंडे ने कहा कि जांच के लिए इस विस्फोटक को थाने के ओपन एरिया में रखा गया था। इसे जांच के लिए भेजा जाना था। संवेदनशील होने की वजह से बड़ी सावधानी से सैंपल लिया जा रहा था। रात में करीब 11 बजकर 20 मिनट पर अचानक इसमें विस्फोट हुआ और वहां मौजूद लोगों में से 9 की जान चली गई और 32 लोग घायल हो गए। घायल होने वालों में तीन राजस्व अधिकारी और दो आम नागरिक शामिल हैं। गृह मंत्रालय ने कहा है कि यह एक हादसा था और इस बारे में कोई और अनुमान लगाने की जरूरत नहीं है।

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गृह मंत्रालय ने कहा, नौगाम दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। बता दें कि नौगाम थाने में ही जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित पोस्टरों को लेकर केस दर्ज किया गया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस ने मिलकर फऱीदाबाद में बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल के साथ 7 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। मुजम्मिल के किराए के कमरे से 14 बैग में भरा हुआ विस्फोटक बरामद किया गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस इस विस्फोटक को लेकर नौगाम चली गई थी।

डीजीपी नलिन प्रभात ने यह भी बताया कि मामले की जांच कर रहे एक एसआई की भी हादसे में मौत हो गई है। इसके अलावा एक स्थानीय टेलर को बैग सिलने के लिए थाने में बुलाया गया था। विस्फोट में उसकी भी जान चली गई। थाने को भारी नुकसान पहुंचा है और आसपास की इमारतें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

जानकारी के मुताबिक यह पुलिस थाना एक प्राइवेट बिल्डिंग में था। जैश के पोस्टर देखे जाने के बाद सबसे पहले इसी थाने से ऐक्शन लिया गया। इसके बाद इसी तरह का पोस्टर यूपी में देखा गया तो पुलिस तुरंत वहां पहुंची और डॉ. आदिल को गिरफ्तार किया गया। आदिल से ही फरीदाबाद की अल फलह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मुजम्मिल का पता चला। इसके किराए के कमरे से 360 किग्रा विस्फोटक बरामद किया गया। यही विस्फोटक नौगाम लाया गया था। वहीं मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद ही इसी मॉड्यूल के आतंकी डॉ. उमर ने दिल्ली में ब्लास्ट कर दिया।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha
अंकित ओझा पिछले 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। अंकित ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से स्नातक के बाद IIMC नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर कार्य करने का उनके पास अनुभव है। इसके अलावा बिजनेस और अन्य क्षेत्रों की भी समझ रखते हैं। हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही पंजाबी और उर्दू का भी ज्ञान है। डिजिटल के साथ ही रेडियो और टीवी के लिए भी काम कर चुके हैं। और पढ़ें
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