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हवाई अड्डों पर हाहाकार, एक के बाद एक इंडिगो की कई उड़ानें रद्द; आखिर क्या हैं वजहें? समझिए

हवाई अड्डों पर हाहाकार, एक के बाद एक इंडिगो की कई उड़ानें रद्द; आखिर क्या हैं वजहें? समझिए

संक्षेप:

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने बुधवार को 200 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे हजारों यात्री फंस गए। ये सिलसिला आज भी जारी है। क्रू सदस्यों की भारी कमी को इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। जानिए पूरा मामला।

Dec 04, 2025 01:18 pm ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इस सप्ताह अपने सबसे बड़े परिचालन संकटों में से एक का सामना कर रही है। मंगलवार और बुधवार को एयरलाइन की 200 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जबकि सैकड़ों उड़ानें घंटों देरी से चल रही हैं। इस वजह से देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं और हजारों लोग फंसकर परेशान हो गए।

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आज भी इंडिगो की 180 से अधिक उड़ानें रद्द

घरेलू विमानन कंपनी इंडिगो ने बृहस्पतिवार को तीन प्रमुख हवाई अड्डों से 180 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं। गुरुग्राम स्थित एयरलाइन, अपने पायलटों के लिए उड़ान-ड्यूटी और आराम अवधि के नए नियमों के मद्देनजर अपनी उड़ानों के संचालन के लिए जरूरी चालक दल सदस्यों की व्यवस्था करने को लेकर जूझ रही है।

एक सूत्र ने कहा- इंडिगो ने बृहस्पतिवार को तीन हवाई अड्डों...मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु.... से 180 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं।’ मुंबई हवाई अड्डे पर रद्द होने वाली उड़ानों की संख्या दिन भर में 86 (41 आगमन और 45 प्रस्थान) रही। वहीं बेंगलुरु में 41 आगमन उड़ानों सहित 73 उड़ानें रद्द की गईं।

इसके अलावा, बृहस्पतिवार के लिए दिल्ली हवाई अड्डे पर 33 उड़ानें रद्द की गईं। सूत्र ने कहा, ‘‘दिन चढ़ने के साथ रद्द होने वाली उड़ानों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।’ एयरलाइन का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (ओटीपी) छह प्रमुख हवाई अड्डों... दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद... पर तीन दिसंबर को 19.7 प्रतिशत तक गिर गया, क्योंकि उसे अपनी सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक चालक दल जुटाने को लेकर जूझना पड़ रहा है। यह दो दिसंबर के आंकड़े से लगभग आधे से कम है। उस समय यह 35 प्रतिशत था।

कई कारणों के एक साथ टकराने से इंडिगो की समय-सारिणी अचानक धराशायी हो गई। इन कारणों में प्रमुख हैं- क्रू की भारी कमी, नए ड्यूटी-टाइम नियम, तकनीकी खामियां आदि। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

1. क्रू की गंभीर कमी

नए ड्यूटी-टाइम नियम 1 नवंबर से लागू हुए, जिनसे पायलट और क्रू के काम करने के घंटे कम कर दिए गए और अनिवार्य आराम समय बढ़ा दिया गया। नियम सख्त होने के बाद कई पायलट कानूनी तौर पर ड्यूटी के लिए उपलब्ध ही नहीं बचे, जिसके चलते दर्जनों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। कई रोटेशन पूरे ही नहीं हो पाए क्योंकि समय सीमा खत्म हो चुकी थी।

2. नए रोस्टर नियम (FDTL) के कारण बढ़ी चुनौती

डीजीसीए द्वारा लागू नई 'फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन' में रात की लैंडिंग, लगातार ड्यूटी घंटों और साप्ताहिक विश्राम को लेकर सख्त प्रावधान किए गए हैं। इंडिगो प्रतिदिन करीब 2200 उड़ानें संचालित करती है और उसके पास रात में उड़ान भरने वाले विमानों की बड़ी संख्या है। नए नियमों के अनुसार रोस्टर और शेड्यूल दोबारा तैयार करना पड़ा, लेकिन यह प्रक्रिया अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाई थी।

3. प्रमुख हवाई अड्डों पर तकनीकी खामियां

मंगलवार को दिल्ली और पुणे जैसे हवाई अड्डों पर चेक-इन और डिपार्चर कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी समस्याएं आईं। इससे सुबह की उड़ानें पीछे खिसक गईं और देरी का यह प्रभाव पूरे दिन नेटवर्क में फैलता गया।

4. शीतकालीन भीड़ और एयरपोर्ट कंजेशन

सर्दियों के मौसम में धुंध, बढ़ी हुई यात्री संख्या और पीक आवर्स की भीड़ ने हालात और खराब कर दिए। इंडिगो की तंग शेड्यूलिंग के कारण छोटी देरी भी पूरे नेटवर्क में लहर की तरह असर डालती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को इंडिगो की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 35% पर आ गई- यानी एक दिन में 1,400 से अधिक उड़ानें देरी से चलीं। नवंबर महीने में ही एयरलाइन को 1,232 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

क्या हैं नए FDTL नियम?

डीजीसीए के नए नियमों का उद्देश्य क्रू की थकान कम करना और उड़ान सुरक्षा को मजबूत करना है। इनमें शामिल हैं:

  • साप्ताहिक अनिवार्य आराम समय बढ़ा
  • रात की लैंडिंग की सीमा 6 से घटाकर 2
  • लगातार ड्यूटी घंटों में कमी

इसके साथ ही पायलटों के लिए उड़ान समय की नई सीमाएं तय की गईं:

  • 8 घंटे प्रतिदिन
  • 35 घंटे प्रति सप्ताह
  • 125 घंटे प्रति माह
  • 1000 घंटे प्रति वर्ष

इसके अलावा किसी भी 24 घंटे की अवधि में क्रू को कम से कम 10 घंटे अनिवार्य विश्राम देना होगा।

ये नियम सुरक्षा के लिहाज से मजबूत हैं, पर एयरलाइनों को पहले की तुलना में अधिक पायलट और क्रू की जरूरत पड़ रही है। इंडिगो, जिसके पास रात की उड़ानों का बड़ा नेटवर्क है, वह सबसे ज्यादा प्रभावित हुई।

अन्य एयरलाइंस पर इतना असर क्यों नहीं?

1. पैमाना और उड़ानों की संख्या

इंडिगो देश की घरेलू उड़ानों का सबसे बड़ा हिस्सा संचालित करता है। इतने बड़े नेटवर्क में छोटी गड़बड़ी भी बड़ा प्रभाव डालती है।

2. रात की उड़ानों का बड़ा नेटवर्क

विस्तारा, एयर इंडिया और अकासा जैसी एयरलाइनों की रात की उड़ानें सीमित हैं, जबकि इंडिगो कई हाई-फ्रीक्वेंसी नाइट सेक्टर संचालित करती है। रात की लैंडिंग की सीमा घटने से इंडिगो पर अधिक दबाव पड़ा।

3. तंग क्रू-उपयोग मॉडल

इंडिगो की परिचालन दक्षता कम खाली समय और उच्च उपयोग पर आधारित है। नए नियमों के बाद शेड्यूल में तुरंत खालीपन आ गया।

4. नेटवर्क पुनर्गठन में कम लचीलापन

छोटी एयरलाइंस अपने शेड्यूल तेजी से बदल सकती हैं, लेकिन इंडिगो के विशाल नेटवर्क में यह प्रक्रिया कहीं अधिक जटिल है।

कब तक सुधरेगी स्थिति?

इंडिगो ने कहा है कि वह कैलिब्रेटेड एडजस्टमेंट्स कर रहा है और 48 घंटे में संचालन सामान्य होने की उम्मीद है।

एयरलाइन इन कदमों पर काम कर रही है:

  • उच्च दबाव वाले रूटों पर क्रू की पुनर्नियुक्ति
  • नाइट शेड्यूल में बदलाव
  • अंतिम समय की अफरातफरी से बचने के लिए प्री-प्लान्ड कैंसिलेशन
  • विमान और क्रू रोटेशन को नए सिरे से व्यवस्थित करना

एयरलाइन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे उड़ान स्थिति लगातार चेक करते रहें, क्योंकि देरी अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है। इंडिगो ने बयान जारी किया- हम अपने ग्राहकों से क्षमा चाहते हैं… अप्रत्याशित परिचालन चुनौतियों तकनीकी समस्याएं, सर्दियों से जुड़ी देरी, एयरपोर्ट कंजेशन और अपडेटेड क्रू रोस्टरिंग नियम का सामूहिक प्रभाव हमारे संचालन पर पड़ा है।

इंडिगो की उड़ानें रद्द होने की डीजीसीए ने शुरू की जांच, समाधान योजना का ब्योरा मांगा

विमानन क्षेत्र के नियामक डीजीसीए ने बुधवार को कहा कि इंडिगो की उड़ानों में बड़े स्तर पर हो रही देरी और रद्दीकरण की जांच शुरू कर दी गई है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइन से मौजूदा स्थिति के कारणों और अगले दिनों में सेवाओं को सामान्य करने की उसकी योजना का विस्तृत ब्योरा भी पेश करने को कहा है।

डीजीसीए ने बयान में कहा कि वह इस स्थिति की जांच कर रहा है और एयरलाइन के साथ मिलकर ऐसे कदम ढूंढ रहा है, जिनसे उड़ानों के रद्दीकरण एवं देरी को कम किया जा सके और यात्रियों को होने वाली असुविधा को घटाया जा सके। डीजीसीए ने कहा, ‘‘इंडिगो को डीजीसीए मुख्यालय में पेश होकर यह बताना होगा कि मौजूदा अव्यवस्था किस कारण हुई और इसे दूर करने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं।’’

Amit Kumar

लेखक के बारे में

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अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें
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