पंजाब की राज्यसभा सीट कितने में बेची थी? गद्दार कहे जाने पर भड़के हरभजन सिंह; AAP नेतृत्व को ही लपेट लिया
क्रिकेटर से नेता बने हरभजन सिंह का राजनीतिक करियर मार्च 2022 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन की। उसी समय आम आदमी पार्टी ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा के लिए नामित किया और वे निर्विरोध निर्वाचित हुए।

पिछले महीने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने उन लोगों को आड़े हाथों लिया है, जो उन्हें गद्दार कह रहे हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट कर पूर्व क्रिकेटर ने इशारों ही इशारों में आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर पंजाब को लूटकर खाने का आरोप लगाया है और पलटकर पूछा है कि पंजाब में राज्यसभा की सीट कितने में बेची थी? हरभजन ने कहा है कि समय आने पर वह हर बात का जवाब देंगे। उन्होंने आरोप लगाया है कि पंजाब की राज्यसभा सीटों से लेकर मंत्री तक के पद को आप नेतृत्व ने बेचा है।
हरभजन सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “समय आने पर आपकी हर बात का जवाब दिया जाएगा । और मैंने आपके किसी लीडर को गाली नहीं दी । अपनी जुबान क्यों गंदी करूँ मैं । और मुझे ग़द्दार कहने वालों पहले अपने लोगों से पूछो पंजाब की राज्य सभा सीट कितने में बेची थी । अगर ना बताए तो मैं आपको बताऊंगा कि किसको कितना चढ़ावा गया था और किसकी तरफ से । और कैसे किसको मंत्री संतरी बनाया गया, पंजाब को लूटने के लिए और लाला को माल पहुँचाने के लिए । पंजाब को लूट खा गए।”
एक यूजर के पोस्ट के जवाब में हरभजन ने लिखा
उनका यह पोस्ट एक यूजर के उस ट्वीट के जवाब में आया है, जिसमें देवेंदर यादव नामक एक शख्स ने उन पर गद्दारी करने के आरोप लगाए थे। यादव ने हरभजन सिंह से पूछा था कि ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि पंजाब के 800+ किसान भाइयों की मौत की जिम्मेदार भाजपा में वो चले गए? यादव ने यह भी पूछा था कि भाजपा में जाने के लिए अपने जमीर की कीमत कितनी लगाई आपने? यह भी पूछा था कि जिस आप ने राज्यसभा की सीट दी, उसके नेता को दिन रात भला-बुरा क्यों कहते हो और उसकी दी गई राज्यसभा सीट से इस्तीफा क्यों नहीं दिया ?
सात आप सांसदों ने भाजपा ज्वाइन कर ली थी
बता दें कि पूर्व क्रिकेटर सिंह ने राघव चड्ढा समेत आप के छह राज्यसभा सदस्यों के साथ 24 अप्रैल को भाजपा का दामन थाम लिया था। तब आप के कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने वाले हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता और अशोक मित्तल के घरों के बाहर प्रदर्शन किया था और जालंधर तथा लुधियाना में उनके घरों की दीवारों पर स्प्रे पेंट से 'गद्दार' लिख दिया था। इतना ही नहीं इसके बाद पंजाब सरकार ने उनका सुरक्षा घेरा वापस ले लिया था। हालांकि, पंजाब पुलिस की सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद केंद्र सरकार ने जालंधर में सिंह के आवास के बाहर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की तैनाती कर दी।
हरभजन का सियासी सफर
क्रिकेटर से नेता बने हरभजन सिंह का राजनीतिक करियर मार्च 2022 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन की। उसी समय आम आदमी पार्टी ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा के लिए नामित किया और वे निर्विरोध निर्वाचित हुए। हरभजन सिंह ने 18 जुलाई 2022 को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली थी। हालांकि चार साल बाद ही उन्होंने आप छोड़ दिया और बाजपा का दामन थाम लिया।
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लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


