अभिजीत दीपके के फैन हुए भाजपा के साथी, शिंदे सेना के नेता मिलने जा रहे; खूब तारीफ
दिल्ली के जंतर मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई करने वाले अभिजीत दीपके से मिलने लगातार शिवसेना नेता पहुंच रहे हैं। एक सप्ताह में दूसरे नेता उनसे मिले हैं और आंदोलन की बधाई दी है। साथ ही भाजपा को भी सलाह दी है।

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल शिवसेना के विधान परिषद सदस्य (MLC) बच्चु कडू ने गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से मुलाकात की। खास बात है कि कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने भी दीपके से मुलाकात की थी। तब उन्होंने सीजेपी फाउंडर के लिए सुरक्षा की मांग की थी।
पीटीआई भाषा के मुताबिक, कडू ने साफ किया कि वह दीपके से निजी तौर पर मिलने आए हैं, न कि सरकार या अपनी पार्टी के प्रतिनिधि के तौर पर।शिवसेना नेता ने कहा, 'मैं यहां एक आंदोलनकारी के तौर पर, दूसरे आंदोलनकारी से मिलने आया हूं।' कडू दिव्यांगों और किसानों के अधिकारों के लिए विरोध-प्रदर्शन करने के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने इसे निजी मुलाकात बताया और कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए दीपके को बधाई दी जानी चाहिए।
दीपके को मिल रही धमकियों के बारे में पूछे जाने पर कडू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को उन लोगों से बात करनी चाहिए, जो धमकियां दे रहे हैं और 'गलत व्यवहार' कर रहे हैं। विरोध-प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए कडू ने कहा कि अन्याय के खिलाफ आंदोलन करना कोई अपराध नहीं है।
संजय शिरसाट ने मांगी थी सुरक्षा
एजेंसी के अनुसार, शिरसाट ने रविवार को कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके क्षेत्र के रहने वाले और अभिजीत दीपके ने एक क्रांति शुरू की है, और उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए। औरंगाबाद पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी मंत्री शिरसाट छत्रपति संभाजीनगर के वालुज एमआईडीसी इलाके में दीपके के परिवार से मिलने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
मंत्री ने कहा, 'उनके माता-पिता परेशान थे, क्योंकि हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे सुरक्षित रहें। वह परिवार की तरह हैं और मैं यहां केवल प्रभारी मंत्री के तौर पर नहीं आया हूं। अभिजीत के महाराष्ट्र पहुंचने पर उन्हें सुरक्षा दी जानी चाहिए। मैं इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात करूंगा।' उन्होंने कहा कि पहले दीपके के परिवार से मुलाकात इसलिए नहीं की, क्योंकि इसे राजनीतिक नजरिए से देखा जा सकता था।
आंदोलन की कर दी तारीफ
मंत्री ने बताया कि बोस्टन विश्वविद्यालय में जनसंपर्क विषय की पढ़ाई करने वाले दीपके को अमेरिका में नौकरी की पेशकश भी गई थी और तभी सीजेपी की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा, 'उनके माता-पिता चाहते थे कि वह नौकरी कर लें, लेकिन अभिजीत की इच्छा छात्रों के लिए कुछ करने की थी।' मंत्री ने इस बात पर भी गर्व जताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के एक निवासी ने देश में क्रांति की शुरुआत की है।
शिरसाट ने कहा, 'आंदोलन खत्म हो गया है और प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगें पूरी हो गई हैं। लेकिन मेरे निर्वाचन क्षेत्र के एक निवासी ने क्रांति की शुरुआत की। इसके अलावा, उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है और वे इस आंदोलन का श्रेय भी नहीं लेना चाहते। मेरे बेटे (दीपके) को सफलता इसलिए मिली, क्योंकि समाज के लोगों ने उसका समर्थन किया।'


