
SBI कार लोन स्कैम केस में ED की बड़ी कार्रवाई, BMW और मर्सिडीज जैसी कारें जब्त
ईडी की जांच से पता चला कि आरोपी कर्जदारों ने जाली दस्तावेजों के आधार पर महंगी कार लोन के जरिए प्राप्त किए। इन्होंने बैंक को धोखा दिया। सूत्रों के अनुसार, यह धोखाधड़ी 19.38 करोड़ से अधिक की है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में एक बड़े कार लोन धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुणे में ऋण लेने वालों और कार डीलरों के 12 आवासीय और कार्यालय परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया है। इस दौरान एजेंसी ने आपत्तिजनक दस्तावेज और कई महंगी लक्जरी कारें जब्त की हैं। ईडी के मुंबई जोनल कार्यालय ने 25-26 नवंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA, 2002) के प्रावधानों के तहत यह तलाशी अभियान चलाया।
ईडी की जांच से पता चला कि आरोपी कर्जदारों ने जाली दस्तावेजों के आधार पर महंगी कार लोन के जरिए प्राप्त किए। इन्होंने बैंक को धोखा दिया। सूत्रों के अनुसार, यह धोखाधड़ी 19.38 करोड़ से अधिक की है। आरोपी के परिसरों से BMW, वोल्वो, मर्सिडीज और लैंड रोवर जैसी लग्जरी कारें जब्त की गईं। ऋण लेने वालों द्वारा खरीदी गई विभिन्न अचल संपत्तियों की पहचान की गई है। आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए गए।
2017 से 2019 के दौरान SBI की पुणे स्थित यूनिवर्सिटी रोड शाखा से ये लोन लिए गए थे। उस समय के शाखा प्रबंधक अमर कुलकर्णी थे। आरोप है कि कुलकर्णी ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और एसबीआई के ऑटो लोन काउंसलर आदित्य सेठिया के साथ-साथ कुछ कर्जदारों के साथ आपराधिक साजिश रची।
ईडी के अनुसार, अमर कुलकर्णी ने बैंक की ऋण नीति का उल्लंघन करते हुए और जाली/फर्जी दस्तावेजों का सत्यापन किए बिना महंगी कारों के लिए लोन प्रस्तावों को अनुचित और बेईमानी तरीके से मंजूरी थी। कई लोन में शामिल मार्जिन मनी को बढ़ाने के लिए बैंक में बढ़ी हुई राशि वाले नकली कोटेशन प्रस्तुत किए गए थे और जाली दस्तावेजों का उपयोग करके ऋण स्वीकृत किए गए थे।
ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पुणे और शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन, पुणे द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई FIR के आधार पर जांच शुरू की थी।





