पुलकित जैन और बार्बी जैन हाजिर हों! I-PAC केस में ED ने भेजा समन; बंगाल-तमिलनाडु चुनाव से क्या नाता

Apr 14, 2026 03:29 pm ISTPramod Praveen एएनआई, नई दिल्ली
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ईडी की यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से कुछ दिन पहले की गई है, जहां यह संस्थान क्रमशः तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) जैसे दलों को राजनीतिक परामर्श दे रहा है।

पुलकित जैन और बार्बी जैन हाजिर हों! I-PAC केस में ED ने भेजा समन; बंगाल-तमिलनाडु चुनाव से क्या नाता

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने I-PAC मामले से जुड़े 'हवाला लेन-देन' और मनी लॉन्ड्रेंग के संबंध में पुलकित जैन और प्रतीक जैन की पत्नी बार्बी जैन को 15 अप्रैल को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में पेश होने के लिए समन जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, पुलकित जैन, इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के सह-संस्थापक और निदेशक प्रतीक जैन के भाई हैं। इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने आई-पैक के सह-संस्थापक एवं निदेशक विनेश चंदेल को मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की 10 दिन की हिरासत में भेज दिया। चंदेल को निदेशालय ने राजनीतिक दलों और अन्य संस्थाओं से प्राप्त धन के कथित हवाला लेनदेन से जुड़े एक मामले में सोमवार को गिरफ्तार किया था।

बड़ी बात यह है कि यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से कुछ दिन पहले की गई है, जहां यह संस्थान क्रमशः तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) जैसे दलों को राजनीतिक परामर्श दे रहा है। बता दें कि ईडी अधिकारियों चंदेल को पूछताछ के बाद सोमवार शाम पौने आठ बजे गिरफ्तार कर लिया था। अधिकारियों ने बताया कि वह भोपाल स्थित राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय (NLIU) से विधि स्नातक हैं और कंपनी में 33 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के कारण आई-पैक के ''प्रमुख निर्णय कर्ताओं'' में शामिल हैं। उन्हें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेफाली बरनाला टंडन के आवास पर सोमवार रात करीब 11 बजकर 55 मिनट पर पेश किया गया और अदालत ने उन्हें मंगलवार तड़के साढ़े तीन बजे 10 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।

ईडी ने 28 मार्च को दर्ज किया था केस

ईडी अधिकारियों ने बताया कि चंदेल को 28 मार्च को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज एक नए मामले में गिरफ्तार किया गया। यह मामला आई-पैक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में चंदेल, प्रतीक जैन और ऋषि राज सिंह समेत इसके निदेशकों के जरिए खातों में हेराफेरी और आय के ज्ञात स्रोत से अधिक धन के लेनदेन के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला पश्चिम बंगाल के कोयला घोटाले की जांच से ''जुड़ा'' हुआ है।

2 अप्रैल को कई ठिकानों पर छापेमारी

निदेशालय ने 28 मार्च को दर्ज मामले की जांच के तहत दिल्ली में चंदेल के परिसर के अलावा, बेंगलुरु में आई-पैक के एक अन्य सह-संस्थापक एवं निदेशक ऋषि राज सिंह के परिसर और मुंबई में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर के परिसर पर दो अप्रैल को छापा मारा था। एजेंसी ने आरोप लगाया कि चंदेल के निर्देश पर ''आई-पैक ने प्राप्त राशियों को हिसाब में दर्ज धनराशि (बैंकिंग माध्यमों) और बिना हिसाब की धनराशि (नकद) में बांटने का तरीका अपनाया और इस तरह वित्तीय गतिविधियों की वास्तविक प्रकृति और सीमा को जानबूझकर छिपाया।''

अवैध धन को वैध दिखाने वाले लेन-देन

ईडी ने कहा, ''इन लेनदेन को इस तरह से किया गया था कि अवैध धन को वैध दिखाया जा सके और अपराध से अर्जित इस आय को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में शामिल करने और उसे सुव्यवस्थित करने के लिए उपयोग किया जा सके।'' न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि आई-पैक द्वारा अपनाए गए तौर-तरीके को देखते हुए यह मानने के कारण हैं कि चंदेल अपराध से अर्जित कई करोड़ रुपये की आय के सृजन, हेराफेरी और उसे रखने से जुड़ी प्रक्रियाओं एवं गतिविधियों में ''सक्रिय'' रूप से शामिल थे।

बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को चुनाव

ईडी ने अदालत से कहा कि आई-पैक ने राजनीतिक दलों से प्राप्त धन समेत अपने धन को गैर-नकद एवं नकद में बांटा और इसका इस्तेमाल चुनाव संबंधी खर्च और जनमत को प्रभावित करने समेत अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया। ईडी ने इस मामले में आठ जनवरी को आई-पैक के कार्यालय और इसके संस्थापक एवं निदेशकों में शामिल प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी की थी। इसके बाद तब विवाद शुरू हो गया था जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गईं और दस्तावेज अपने साथ ले गई थीं। पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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