उर्दू पत्रकार नदीमुल हक के घर पहुंची ED, 7 जगह रेड; TMC से हैं राज्यसभा सांसद
उर्दू पत्रकार और तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक के ठिकानों पर केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की है। इस दौरान दिल्ली, रांची और कोलकाता में करीब 7 ठिकानों पर जांच चल रही है।

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक ED यानी प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर आ गए हैं। सोमवार को उनसे जुड़े 7 ठिकानों पर केंद्रीय जांच एजेंसी ने दबिश दी है। खबरें हैं कि नदीमुल हक के खिलाफ संदिग्ध लेनदेन समेत कई आरोप हैं। खास बात है कि यह जांच दिल्ली से लेकर रांची और कोलकाता समेत कई राज्यों में चल रही है। फिलहाल, साफ नहीं हुआ है कि इस जांच में क्या बरामद हुआ है।
ईडी ने अखबार-ए-मशरीक प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े केस के चलते कोलकाता, दिल्ली और रांची में 7 ठिकानों पर जांच शुरू की है। अखबार-ए-मशरीक एक उर्दू दैनिक अखबार है, जिसके डायरेक्टर हक हैं। यह कार्रवाई बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज शिकायत के आधार पर की गई है।
ईडी के अधिकारियों ने कहा, 'मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक के घर समेत दिल्ली, पश्चिम बंगाल के कोलकाता और झारखंड के रांची में सात जगहों पर तलाशी ले रही है। यह मामला उर्दू अखबार 'अखबार-ए-मशरिक' से जुड़ा है, जिस पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली सामग्री छापने और संदिग्ध स्रोतों से गैर-कानूनी तरीके से फंड का लेन-देन करने का आरोप है। TMC सांसद इस अखबार के डायरेक्टर हैं।'
क्यों हुई नदीमुल हक के ठिकानों पर रेड
हक के खिलाफ सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और संदिग्ध लेनदेन समेत कई गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप हैं कि इस अखबार के जरिए ऐसी सामग्री प्रकाशित की गई थी, जो सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ सकती थी। इसके अलावा गैर कानूनी तरीके से रुपयों के लेन देन बेहिसाब, नकदी हासिल करने समेत कई और आरोप भी हैं।
कौन हैं नदीमुल हक
टीएमसी से राज्यसभा सांसद नदीमुल हक का जन्म 20 सितंबर 1969 में हुआ था। राजनेता के अलावा वह पेशे से पत्रकार और कारोबारी हैं। वह लंबे समय से टीएमसी से जुड़े हुए हैं और यह संसद में उनका तीसरा कार्यकाल है।
खास बात है कि सोमवार को जिन स्थानों पर रेड हुई हैं, उनमें दिल्ली स्थित AITC यानी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का दफ्तर भी है, जो हाल ही में हक के आवास पर शिफ्ट किया गया था। खबर है कि अधिकारी पहुंचने के बाद लंबे समय तक परिसर में ही इंतजार कर रहे थे। अब तक साफ नहीं है कि टीम अंदर प्रवेश कर चुकी है या नहीं।
खास बात है कि बगावत होने के बाद टीएमसी ने दिल्ली में पार्टी का सारा काम हक के आवास पर शिफ्ट कर दिया था।
पहले दिल्ली में टीएमसी का सारा काम सांसद पार्थ भौमिक के आवास 20, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद रोड पर होता था। बाद में जब बागी सांसदों की सूची में उनका नाम आया, तो पार्टी ने पूरा कामकाज हक के 61, साउथ एवेन्यू लेकर जाने का प्लान किया था। हालांकि, इससे पहले भी पार्टी का काम हक के आवास पर किया जाता रहा है, लेकिन बाद में इसे बदला गया और 2026 में इसकी राज्यसभा सांसद के घर पर वापसी हुई।


