
कोयला खनन मामले में ED का बड़ा ऐक्शन; बंगाल में 24 ठिकानों पर छापेमारी, कैश और गहने बरामद
इस ऑपरेशन में 100 से अधिक ईडी अधिकारियों और कर्मचारियों को लगाया गया है। कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के तहत यह कार्रवाई हो रही है। तलाशी जारी है और कई अहम दस्तावेज व सबूत मिलने की संभावना है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला खनन, कोयले की अवैध ढुलाई और भंडारण मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पश्चिम बंगाल के चार जिलों में एकसाथ तलाशी चलाया गया। इस दौरान भारी मात्रा में कैश और गहने बरामद हुए। दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा और कोलकाता जिलों में कुल 24 ठिकानों पर ईडी की टीमों ने छापेमारी की। यह अभियान शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे शुरू हुआ।
तलाशी के दौरान जिन प्रमुख लोगों के ठिकानों को कवर किया गया है, उनमें नरेंद्र खरका, युधिष्ठर घोष, कृष्ण मुरारी कायल, चिन्मयी मंडल, राजकिशोर यादव सहित कई अन्य नाम शामिल हैं। इनके आवासीय परिसरों, कार्यालयों, कोक प्लांट्स और अवैध टोल संग्रह बूथ/चेक पोस्ट/नाका पर भी ईडी की टीमों ने दबिश दी है।
100 से अधिक ईडी अधिकारी और कर्मचारी तैनात
इस बड़े ऑपरेशन में 100 से अधिक ईडी अधिकारियों और कर्मचारियों को लगाया गया है। कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। अभी तलाशी जारी है और कई अहम दस्तावेज व सबूत मिलने की संभावना जताई जा रही है। इनके आधार पर आगे का ऐक्शन लिया जाएगा।
दूसरी ओर, ईडी ने ऋण धोखाधड़ी से जुड़ी धन शोधन की जांच के तहत केरल में पूर्व विधायक पीवी अनवर और कुछ अन्य के परिसरों पर छापे मारे। यह मामला 2015 में केरल वित्तीय निगम की ओर से धोखाधड़ी से स्वीकृत ऋणों से संबंधित है, जिसके कारण 22.31 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सूत्रों ने बताया कि ED धन शोधन का पता लगाने के लिए आय से अधिक संपत्ति, संदिग्ध बेनामी संपत्ति, रियल एस्टेट परियोजनाओं में धन के हेरफेर व अन्य बेहिसाब निवेशों की जांच कर रही है। अनवर ने केरल की सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नीलांबुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने जनवरी में विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था और तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे।





