कोलकाता में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर पैमाने पर 5.0 तीव्रता; घरों से बाहर निकले लोग
कोलकाता में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं। इसकी तीव्रता 5.0 के आसपास थी। दहशत के मारे लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के खुलना में बताया गया है।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शुक्रवार दोपहर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। धऱती हिलने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बताया गया है कि रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.0 थी। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के खुलना से लगभग 26 किलोमीटर दूर था। भूकंप से किसी प्रकार की जान-माल की क्षति की सूचना फिलहाल नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि दोपहर में करीब 1 बजकर 22 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। लोगों के मुताबिक भूकंप के झटके कुछ समय तक महसूस हुए। ऐसे में लोग अपने घरों और कार्यालयों की बिल्डिंग से बाहर आ गए। कई जगहों पर ऑफिस खाली हो गए हैं। लोगों में आफ्टरशॉक का डर बना हुआ है। आम तौर पर भूकंप के झटके के बाद कई बार धरती हिलने की संभावना रहती है।
कई इलाकों के निवासियों ने बताया कि भूकंप के झटकों के दौरान छतों के पंखे, फर्नीचर और खिड़की दरवाजे हिलने लगे, जिसका सबसे ज्यादा असर बहुमंजिला इमारतों में देखने को मिला। ऊंची इमातों में तेज थरथराहट महसूस हुई और लोग उतरकर नीचे आ गए।
दो महीने में कोलकाता में तीसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस बार झटके करीब 1 मिनट तक महसूस किए गए। कोलकाता में पिछले कुछ सालों में भूकंप के झटके आए हैं लेकिन किसी की तीव्रता 5 तक नहीं रही है। अधिकारियों ने बताया कि इस बार भूकंप की तीव्रता भले ही रिक्टर स्केल पर 5.0थी लेकिन यह इतना तेज महसूस हुआ कि लग रहा था तीव्रता 6+ होगी।
भूकंप के दौरान क्या करें
जानकारों का कहना है कि भूकंप के दौरान घर के किसी कोने में बैठ जाना चाहिए। इसके अलावा अगर मेज या टेबल हो तो उसके नीचे छिपा जा सकता है। झटकों के दौरान अगर बाहर निकलने में समय लगता है तो भागने से बेहतर घर में ही सुरक्षित स्थान पर छिपना है। भूकंप के दौरन बिजली के तारों से दूर रहना चाहिए। अगर हो सके तो गैस और बिजली की वस्तुओं को बंद कर दें। छिपने का ही तरीका है कि सिर को छिपाकर बैठ जाएं। गिरने वाली चीजों से दूर रहना चाहिए। किसी चीज को गिरने से रोकने की भी कोशिश नहीं करनी चाहिए।
लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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