लद्दाख में सुबह-सुबह आया भूकंप, 5.5 रही तीव्रता; क्या अपडेट
गुरुवार को लद्दाख में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया है। फिलहाल, कोई भी नुकसान की खबर नहीं है। खास बात है कि इससे कुछ दिनों पहले ही महाराष्ट्र के पालघर और उससे पहले उत्तरकाशी में भी भूकंप के झटके महसूस हुए थे।

लद्दाख की सुबह भूकंप के झटकों से हुई है। केंद्र शासित प्रदेश के लेह में 13 अगस्त गुरुवार को भूकंप आया, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.5 मापी गई है। हालांकि, राहत की बात है कि इस प्राकृतिक आपदा के चलते कोई भी नुकसान नहीं हुआ है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि भूकंप का केंद्र कहां पर था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी का कहना है कि भूकंप सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर आया था। इसकी गहराई 10 किमी रही
2 दिन पहले महाराष्ट्र के पालघर में आया भूकंप
महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक घंटे के भीतर 3.4 तीव्रता के भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप में किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है। जिला सूचना कार्यालय के अनुसार, पहला झटका सोमवार रात 10 बजकर चार मिनट पर महसूस किया गया और उसके बाद रात 11 बजे इतनी ही तीव्रता का दूसरा भूकंप आया।
जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि भूकंपीय गतिविधि जव्हार तालुका में पांच किलोमीटर की गहराई पर हुई। अधिकारियों ने बताया कि लगातार भूकंप के झटकों से स्थानीय निवासी दहशत में आ गए लेकिन जिले में जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। कदम ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही हैं।
महाराष्ट्र के तटीय इलाके में स्थित पालघर में पिछले कुछ वर्षों में कम तीव्रता वाले झटके महसूस किए जाते रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और सुरक्षा के तय नियमों का पालन करने की अपील की है। पिछले महीने भी पालघर जिले में भूकंप के तीन झटके महसूस किए गए थे। यह जिला मुंबई से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है।
10 अगस्त को उत्तरकाशी में भूकंप
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के विभिन्न हिस्सों में सोमवार तड़के भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया। इसकी तीव्रता 4.2 मापी गई। उत्तरकाशी के जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, तड़के एक बजकर 21 मिनट 34 सेकंड पर 4.2 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप का केंद्र दस किलोमीटर की गहराई में बड़कोट तहसील के राजगढ़ी क्षेत्र के आसपास रहा।
भूकंप के झटके उत्तरकाशी, बड़कोट, पुरोला, मोरी, चिन्यालीसौड़ और डुंडा समेत यमुना घाटी के कई क्षेत्रों में महसूस किए गए। रात के अंधेरे में अचानक घरों के हिलने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और दो और तीन मंजिला मकानों में रहने वाले लोग डरकर बाहर निकल आए।


