गाजा पीस बोर्ड में भारत भी निभाएगा खास भूमिका, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का आया न्योता

Jan 18, 2026 09:30 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

इजरायल और हमास के बीच युद्ध को समाप्त करके गाजा में शांति के लिए बनाए जा रहे पीस बोर्ड में भारत को शामिल करने की कोशिश की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को भी इसमें शामिल होने का न्योता भेजा है।

गाजा पीस बोर्ड में भारत भी निभाएगा खास भूमिका, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का आया न्योता

Donald Trump invited india for peace board: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में गाजा में कराए गए शांति समझौते के दूसरे चरण के के लिए गाजा पीस बोर्ड की स्थापना की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक भारत को भी इसमें शामिल करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने नई दिल्ली को प्रस्ताव भेजा है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस निमंत्रण पत्र को भी पोस्ट किया। गौरतलब है कि इस बोर्ड में शामिल होने के लिए पाकिस्तान को भी निमंत्रण भेजा गया है, शरीफ सरकार ने भी इसकी पुष्टि की है।

पत्र में राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने साथ इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता दिया। गाजा में शांति के लिए अपनी 20 सूत्रीय डील और फिर उसके बाद संयुक्त राष्ट्र में पीस बोर्ड के लिए मान्यता लेने का जिक्र करने के बाद ट्रंप ने इसे एक नया अंतर्राष्ट्रीय संगठन करार दिया। उन्होंने लिखा, "बोर्ड ऑफ पीस अब तक गठित होने वाला सबसे प्रभावशाली और परिणामकारी बोर्ड है, जिसे एक नए अंतरराष्ट्रीय संगठन और संक्रमण कालीन शासकीय प्रशासन के रूप में स्थापित किया जाएगा।"

इतना ही नहीं ट्रंप ने कहा कि उनका यह प्रयास उन राष्ट्रों को साथ में लेकर आएगा जो कि वैश्विक शांति के लिए महान जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने निकट भविष्य में इस बोर्ड के सदस्यों की बैठक आयोजिक करने का भी प्रस्ताव रखा।

किसको मिला न्योता

रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बोर्ड में शामिल होने के लिए करीब 60 देशों को निमंत्रण भेजा है। ज्यादातर देशों ने फिलहाल इस निमंत्रण पत्र पर अपनी चुप्पी साध रखी है। केवल इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इसे खुले तौर पर स्वीकार करते हुए कहा कि उनका देश अपने हिस्से का योगदान देने के लिए तैयार है। दूसरी तरफ कनाडा के प्रधानमंत्री मार्को कार्नी से जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह सैद्धांतिक रूप से ट्रंप के गाजा पीस बोर्ड को अपना समर्थन देते हैं। लेकिन इसमें शामिल होना है या नहीं इस पर अभी बातचीत जारी है।

पड़ोसी देश पाकिस्तान ने इसका निमंत्रण मिलने की पुष्टि की है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि इस्लामाबाद को वाशिंगटन की तरफ से यह निमंत्रण मिला है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान गाजा के लिए होने वाले शांति प्रयासों में शामिल होता रहेगा।

क्या है ट्रंप का पीस बोर्ड?

रिपोर्ट्स के मुताबिक गाजा पीस प्लान के दूसरे चरण में इसके पुननिर्माण के लिए एक कमेटी का गठन किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस कमेटी के अध्यक्ष हैं। इसके बाद उन्होंने इस कमेटी की देखरेख और गाजा में काम करने के लिए पीस बोर्ड का गठन किया है। ट्रंप खुद इसके अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर कामकाज संभालने के लिए भी एक बोर्ड बनाया जा रहा है।

दुनियाभर के देशों को निमंत्रण भेजने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स पर लिखा, "यह उन साझेदार देशों को स्थायी सदस्यता देने का प्रस्ताव है, जो शांति, सुरक्षा और समृद्धि के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखाते हैं।

कब हुई इसकी स्थापना?

गाजा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में कराए गए शांति समझौते के बाद ट्रंप ने इस बोर्ड को बनाने की पेशकश की थी। नवंबर 2025 में उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मान्यता मिल गई। वोटिंग के दौरान रूस और चीन ने इससे दूरी बनाए रखी। उन्होंने इस बात से शिकायत की कि गाजा शांति प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका स्पष्ट नहीं है। हालांकि, उस समय इस बोर्ड की अवधि को केवल 2027 तक सीमित किया गया था। हालांकि, अब सामने आ रही खबरों के मुताबिक ट्रंप इस बोर्ड को गाजा के बाद यूक्रेन में शांति लाने के लिए भी इस्तेमाल करने का विचार कर रहे हैं। जिस पर कई यूरोपीय सरकारों ने अपनी चिंता जताई है।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।