
ईरान के साथ बिजनेस करने वालों पर ट्रंप ने लगाया 25 फीसदी टैरिफ, भारत भी सूची में
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई को लेकर ईरान पर हमले की उनकी चेतावनी के बाद तेहरान वाशिंगटन के साथ बातचीत करना चाहता है। ईरान में प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 599 हो गई है।
Tariff on countries doing business with Iran: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस वाला फॉर्मूला ही ईरान पर लागू करने का फैसला किया है। उन्होंने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है। साथ ही इन टैरिफ को तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया है। खास बात है कि भारत भी चीनी, चाय, दवा, सूखे मेवे जैसी कई चीजों का व्यापार ईरान के साथ करता है। फिलहाल, अमेरिका ने भारत को लेकर खासतौर पर कुछ नहीं कहा है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'तत्काल प्रभाव से लागू। कोई भी देश जो इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ व्यापार करता है, उसे अमेरिका के साथ कर रहे किसी भी या सभी बिजनेस पर 25 प्रतिशत टैरिफ देना होगा। यह आदेश अंतिम और निर्णायक है।' खबर है कि चीन, ब्राजील, तुर्किए और रूस समेत कई देश ईरान के साथ व्यापार करते हैं।
भारत और ईरान में व्यापार
तेहरान में भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत और ईरान बड़े कारोबारी साझेदार हैं (Iran Trade with India)। हाल के वर्षों में ईरान के 5 बड़े ट्रेड पार्टनर्स में शामिल हो गया है। भारत की तरफ से ईरान में चावल, चाय, शक्कर, दवाएं, स्टेपल फाइबर्स, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, आर्टिफिशियल ज्वेलरी आदि निर्यात की जाती हैं। वहीं, भारत ईरान से सूखे मेवे, इनऑर्गेनिक/ऑर्गेनिक केमिकल, कांच का सामान आदि चीजें आयात करता है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या हो रहा
ट्रंप ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई को लेकर ईरान पर हमले की उनकी चेतावनी के बाद तेहरान वाशिंगटन के साथ बातचीत करना चाहता है। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब अधिकार कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कहा कि ईरान में प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 599 हो गई है।
हालांकि, ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की है। उनकी यह टिप्पणी ओमान के विदेश मंत्री की सप्ताहांत में हुई ईरान यात्रा के बाद आई है, जो लंबे समय से वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका में रहे हैं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि ईरान क्या पेशकश कर सकता है, खासकर तब जब ट्रंप ने उसके परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल बेड़े को लेकर कड़ी शर्तें रखी हैं, जिसे तेहरान अपनी राष्ट्रीय रक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानता है।
क्या ऑप्शन
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय वाइट हाउस की आंतरिक चर्चाओं से परिचित दो लोगों ने बताया था कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के खिलाफ संभावित कदम पर विचार कर रही है। जिनमें साइबर हमले और अमेरिका या इजरायल द्वारा सीधे सैन्य हमले शामिल हैं। इन लोगों ने सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने की अनुमति न होने के कारण नाम गोपनीय रखने की शर्त पर यह जानकारी दी।

लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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