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ट्रंप के चीन पर 100% टैरिफ से फिर भड़का व्यापार युद्ध, भारत पर इसका कैसा असर

ट्रंप के चीन पर 100% टैरिफ से फिर भड़का व्यापार युद्ध, भारत पर इसका कैसा असर

संक्षेप: वर्तमान में चीन से आने वाले सामानों पर पहले से 30% अमेरिकी शुल्क लागू है, जबकि बीजिंग अमेरिकी उत्पादों पर 10% शुल्क लगाता है। नए 100% शुल्क से दोनों देशों के बीच अधिकांश व्यापार लगभग ठप पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

Sat, 11 Oct 2025 12:38 PMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को चीन के साथ अपने व्यापार युद्ध को फिर से भड़का दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका चीन से आने वाले सभी आयातों पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाएगा। ट्रंप ने कहा कि यह कदम चीन द्वारा दुर्लभ धातुओं के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में उठाया गया है। ट्रंप ने कहा कि यह नए टैरिफ और महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर पर अमेरिकी निर्यात नियंत्रण 1 नवंबर से प्रभावी होंगे।

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उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, “यह यकीन करना मुश्किल है कि चीन ऐसा कदम उठाएगा, लेकिन उन्होंने उठाया है। अब इतिहास खुद लिखा जा रहा है।”

ट्रंप की घोषणा के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। NASDAQ में 3.6% और S&P 500 में 2.7% की गिरावट आई। यह अप्रैल के बाद वॉल स्ट्रीट का सबसे खराब दिन रहा।

वर्तमान में चीन से आने वाले सामानों पर पहले से 30% अमेरिकी शुल्क लागू है, जबकि बीजिंग अमेरिकी उत्पादों पर 10% शुल्क लगाता है। नए 100% शुल्क से दोनों देशों के बीच अधिकांश व्यापार लगभग ठप पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

चीन ने हाल ही में रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर सख्त निर्यात नियंत्रण लागू किए हैं, जो इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्टफोन, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा उद्योगों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। ट्रंप ने आरोप लगाया कि चीन दुनिया को बंधक बना रहा है और अपनी सप्लाई चेन की ताकत का दुरुपयोग कर रहा है।

ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस महीने होने वाली APEC बैठक पर भी अनिश्चितता छा गई है। ट्रंप ने कहा, “मैं राष्ट्रपति शी से दो हफ्तों में मिलने वाला था, लेकिन अब शायद इसकी जरूरत नहीं है।” बाद में उन्होंने कहा कि बैठक अभी तय नहीं हुई है लेकिन संभव है।

बीजिंग की ओर से फिलहाल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन चीनी विश्लेषकों ने इस कदम को अत्यधिक प्रतिक्रिया बताया है।

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम वैश्विक सप्लाई चेन को गंभीर रूप से बाधित कर सकता है। फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के क्रेग सिंगलटन ने कहा, “दोनों देश एक साथ अपनी आर्थिक हथियार निकाल रहे हैं और कोई पीछे हटने को तैयार नहीं दिखता।” यह स्थिति पहले से ही मुद्रास्फीति, यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व संकट से जूझ रही वैश्विक अर्थव्यवस्था को और झटका दे सकती है।

भारत पर कैसा असर

भारत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और रक्षा उद्योग के लिए रेयर अर्थ-आधारित पुर्जों का आयात करता है। अमेरिका-चीन तनाव लंबा खिंचने पर कीमतें बढ़ सकती हैं और सप्लाई बाधित हो सकती है।

रेयर अर्थ मिनरल्स क्या हैं और क्यों महत्वपूर्ण हैं?

17 दुर्लभ धातुएं जिनका उपयोग स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन, विंड टरबाइन और मिसाइलों में होता है। चीन 70% वैश्विक उत्पादन और 90% से अधिक रिफाइनिंग पर नियंत्रण रखता है। ये तत्व हरित ऊर्जा और रक्षा तकनीक की रीढ़ हैं। यानी आधुनिक भू-राजनीति में रणनीतिक हथियार।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha
कंप्यूटर साइंस में पोस्ट ग्रैजुएट हिमांशु शेखर झा करीब 9 वर्षों से बतौर डिजिटल मीडिया पत्रकार अपनी सेवा दे रहे हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश के अलावा राष्ट्रीय राजनीति पर अच्छी पकड़ है। दिसंबर 2019 में लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े। इससे पहले दैनिक भास्कर, न्यूज-18 और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में भी काम कर चुके हैं। हिमांशु बिहार के दरभंगा जिला के निवासी हैं। और पढ़ें
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