Hindi NewsIndia NewsDoes female genital mutilation violate the POCSO Act Supreme Court has issued a notice to the Centre
लड़कियों का खतना POCSO ऐक्ट का उल्लंघन? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को जारी कर दिया नोटिस

लड़कियों का खतना POCSO ऐक्ट का उल्लंघन? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को जारी कर दिया नोटिस

संक्षेप:

एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका फाइल करके खतना को पूरी तरह प्रतिबंधित करने और ऐक्शन लेने की मांग की थी। कोर्ट याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है और केंद्र को नोटिस जारी किया है।

Nov 29, 2025 08:46 am ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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सुप्रीम कोर्ट मुसलमानों, विशेषकर दाऊदी बोहरा समुदाय में प्रचलित महिलाओं का खतना (FGM) करने की प्रथा पर प्रतिबंध लगाने संबंधी याचिका पर विचार करने के लिए शुक्रवार को सहमत हो गया है। जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने एक गैर-सरकारी संगठन द्वारा दायर याचिका पर केंद्र और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिए हैं।

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अदालत ‘चेतना वेलफेयर सोसाइटी’ की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दावा किया गया है कि यह प्रथा इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है और बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन करती है। याचिका में कहा गया है, ' POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) ऐक्ट के तहत किसी नाबालिग के जननांगों को गैर-चिकित्सकीय कारणों से छूना कानून का उल्लंघन है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने महिला खतना को लड़कियों और महिलाओं के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन करार दिया है।'

पूर्व सीजेआई बीआर गवाई ने भी इस्लाम में खतने की प्रथा को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि संविधान में अधिकार मिलने के बाद बी देश में बेटियों का एफजीएम यानी खतना हो रहा है। सीजेआई ने कहा था कि कोर्ट में एफजीएम के साथ ही सबरीमाला, पारसी समुदाय में अदियारी और अन्य धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रति कथित भेदभाव को लेकर सुनवाई कर रहा है।

क्या होता है खतना

रूढ़िवादी मुसलमान मानते हैं कि जब तक महिलाओं का खतना नहीं किया जाता तब तक वे शुद्ध नहीं होती और शादी के लिए तैयार नहीं होती हैं। कानून कहता है कि खतना करने के दोषी पाए जाने वाले लोगों को सात साल तक की कैद हो सकती है। दरअसल खतना की प्रक्रिया में जननांग का एक हिस्सा काट दिया जाता है। कई डॉक्टर प्लास्टिक सर्जरी के बहाने खतना करते हैं। हालांकि अब लड़कियों का खतना करवाने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha
अंकित ओझा पिछले 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। अंकित ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से स्नातक के बाद IIMC नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर कार्य करने का उनके पास अनुभव है। इसके अलावा बिजनेस और अन्य क्षेत्रों की भी समझ रखते हैं। हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही पंजाबी और उर्दू का भी ज्ञान है। डिजिटल के साथ ही रेडियो और टीवी के लिए भी काम कर चुके हैं। और पढ़ें
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