
डॉक्टर पति ने कर दी बेटी की हत्या, पिता ने इस्कोन को दान कर दिया 3 करोड़ का घर
संक्षेप: बेंगलुरु में एक डॉक्टर ने अपनी डॉक्टर पत्नी को गैस के इलाज के बहाने एनस्थीसिया की ओवर डोज देकर मार डाला। मृतक डॉक्टर के पिता ने उसके लिए तीन करोड़ का घर खरीदा था जिसे उन्होंने इस्कोन को दान कर दिया।
बेंगलुरु में 28 साल की डॉक्टर कृतिका की मौत का राज खुला तो उनके पति डॉक्टर महेंद्र रेड्डी की सारी करतूत सामने आ गई। वहीं कृतिका के परिवार पर मानो बिजली गिर पड़ी हो। डॉ. महेंद्र रेड्डी पर आरोप है कि उन्होने गैस की बीमारी से पीड़ित अपनी पत्नी को एनेस्थीसिया की ओवरडोज से मार डाला। कृतिका की मौत के 6 महीने बाद फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया कि उन्हें प्रोपोफॉल की डोज दी गई थी। 14 अक्टूबर को आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कृतिका के पिता के मुनि रेड्डी ने अपनी बेटी और दामाद के लिए सपनों का घर बनवाया था। वह चाहते थे कि शादी के बाद दोनों उसी घर में रहें और यहीं उनके बाल बच्चे भी हों। हालांकि एक झटके में ही पिता के सारे सपने चूर-चूर हो गए। के मुनि कुमार ने कहा, मैंने वह घर अपनी बेटी के लिए बनाया था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि बेटी की मौत से टूट चुके पिता ने यह घर इस्कोन को दान कर दिया। इसकी कीमत करीब 3 करोड़ आंकी गई है।
मई 2024 में शादी के बाद कृतिका ने अपने पति महेंद्र रेड्डी के साथ इस घऱ में कदम रखा था। एक साल से भी कम समय बाद अप्रैल में ही कृतिका की मौत हो गई। जानकारी मिली की महेंद्र घर पर ही उन्हें गैस कि दवाएं देता था और इलाज करता था। मौत के 6 महीने के बाद परिवार के सामने वह दर्दनाक सच आया जिसका अंदेशा उन्हें पहले ही हो गया था। फॉरेंसिक जांच में पता चला कि कृतिका को प्रोपोफॉल की हैवी डोज दी गई थी। आम तौर पर इसका इस्तेमाल अस्पतालों में सर्जरी के दौरान ही होता है।
महेंद्र विक्टोरिया अस्पताल में जनरल सर्जन थे। पुलिस ने बताया कि महेंद्र ने कृतिकी का हत्या की तैयारी कर ली थी। इसके लिए वह अपने प्रोफेशनल ज्ञान का इस्तेमाल कर रहा था। 21 अप्रैल को उसने कृतिका को इंजेक्शन दिया था। इसके दो दिन बाद कृतिका ने IV साइट पर दर्द की शिकायत की। इसके बाद रात में महेंद्र ने कृतिका को एक और डोज दी। अगली सुबह तक कृतिका की मौत हो गई। डॉक्टर होने के बाद भी महेंद्र ने उसे सीपीआर तक नहीं दिया।
के मुनि रेड्डी ने कहा, हमारी बेटी का मानना था कि शादी आपसी सम्मान और प्यार के बल पर होती है। जिस ज्ञान का इस्तेमाल लोगो की जान बचाने के लिए होता है उसी ने मेरी बेटी की जान ले ली। जांच में पता चला कि महेंद्र इस बात से नाराज रहता था कि कृतिका को गैस की बीमारी है और शादी से पहले परिवार ने इसके बारे में कुछ नहीं बताया। महेंद्र का कहना है कि यह सब गलती से हुआ। पुलिस ने महेंद्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। कृतिका के पिता ने कहा कि बेटी की मौत के तीन महीने बाद ही उन्हों घर इस्कोन को दान कर दिया।





