
लड़कियों को पढ़ाते नहीं, घर का काम कराते हैं; उत्तर भारतीयों पर दयानिधि मारन के विवादास्पद बोल
डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने उत्तर भारतीयों को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है। दयानिधि मारन ने कहा है कि उत्तर भारत में लड़कियों को घर में रोक लिया जाता है। उनसे घरेलू काम कराए जाते हैं। उन्हें नौकरी नहीं करने दिया जाता है।
डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने उत्तर भारतीयों को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है। दयानिधि मारन ने कहा है कि उत्तर भारत में लड़कियों को घर में रोक लिया जाता है। उनसे घरेलू काम कराए जाते हैं। उन्हें नौकरी नहीं करने दिया जाता है। वो बस घर में रहती हैं और किचन का काम करती हैं। वहीं, दक्षिण भारत में हम लड़कियों को पढ़ने और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। दयानिधि मारन ने यह बातें चेन्नई के कैद-ए-मिल्लत महिला विद्यालय में बोलते हुए कहीं। डीएमके नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन लड़कियों की शिक्षा की सुनिश्चित करने के लिए द्रविड़ सिद्धांतों के अनुकूल व्यवस्था करने में जुटे हैं।
नौकरी भी नहीं करने देते
दयानिधि मारन ने कहा कि हमारे यहां की छात्राओं को गर्व होना चाहिए। हमें भी उनके ऊपर गर्व है। इसीलिए हम चाहते हैं कि वह पढ़ें। इसके बाद उन्होंने उत्तर भारत का जिक्र करते हुए ऐसी बात कही, जिस पर विवाद हो सकता है। डीएमके सांसद ने कहा कि उत्तर भारत में लड़कियों को नौकरी नहीं करने दिया जाता है। उन्हें घर के अंदर रहने और घरेलू कामकाज करने के लिए कहा जाता है। लेकिन हम लोग चाहते हैं कि हमारी लड़कियां पढ़ें।
इस दौरान मारन ने मुख्यमंत्री स्टालिन की तारीफ भी की और उन्हें भारत का सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री बताया। साथ ही उन्होंने तमिलनाडु को भारत का सबसे अच्छा प्रदेश कहा। डीएमके सांसद ने कहा कि यह द्रविड़ियन मॉडल वाली सरकार है। वह पेरियार थे, जिन्होंने हमारे प्रदेश में द्रविड़वाद की अलख जलाई। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने इस कार्यक्रम में छात्राओं को लैपटॉप वितरण किया। साथ ही संबोधित भी किया।
क्या कहते हैं आंकड़े
गौरतलब है कि 2011 की जनगणना के मुताबिक तमिलनाडु में 7 साल से ऊपर की उम्र वालों में महिला साक्षरता दर करीब 73.44 फीसदी है। यह उत्तर भारतीय राज्यों से ज्यादा हैं। उत्तर भारत में यूपी में यह दर 57.18 फीसदी, हरियाणा में 65.94 फीसदी, राजस्थान में 52.12 फीसदी और हिमाचल प्रदेश में 75.93 फीसदी है।





