900 करोड़ का मॉल, दिल्ली से बेंगलुरु तक घर; इतने अमीर हैं कर्नाटक के नए सीएम डीके शिवकुमार
कर्नाटक में सीएम फेस बदलने जा रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री होंगे। डीके शिवकुमार का सियासी रसूख तो जबर्दस्त है ही। साथ ही उनका बैंक बैलेंस भी काफी तगड़ा है।

कर्नाटक में सीएम फेस बदलने जा रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री होंगे। डीके शिवकुमार का सियासी रसूख तो जबर्दस्त है ही। साथ ही उनका बैंक बैलेंस भी काफी तगड़ा है। डीके को कर्नाटक के सबसे अमीर नेताओं में गिना जाता है। उनकी नेटवर्थ ऐसी है कि आप भी चौंक जाएंगे। साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान हलफनामे में डीके ने अपनी संपत्ति के बारे में जानकारी दी थी। इसके मुताबिक उनके पास 1400 करोड़ रुपए से ज्यादा की प्रॉपर्टी है।
चुनावी हलफनामे में ब्यौरा
चुनावी हलफनामे के अनुसार डीके शिवकुमार के पास 244 करोड़ रुपए की चल संपत्ति है। अगर परिवार को भी इसमें जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा 273 करोड़ तक पहुंच जाता है। उनके और परिवार के खाते में कुल 16 करोड़ से ज्यादा जमा है। अगर अचल संपत्ति की बात करें तो केवल डीके शिवकुमार के पास 970 करोड़ रुपए की संपत्ति है। वहीं, परिवार समेत डीके के पास 1140 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी है। इतना ही नहीं, डीके और उनकी पत्नी के नाम 30 करोड़ रुपए के खेत हैं। साथ ही दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक उनके पास कई घर हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 84 करोड़ रुपए बताई गई है।
कॉमर्शियल प्रॉपर्टीज के भी मालिक
इसके अलावा डीके शिवकुमार के पास कॉमर्शियल प्रॉपर्टीज भी कई हैं। इसमें दुकान आदि शामिल हैं। हलफनामे के मुताबिक उनके पास ग्लोबल मॉल है जो तकरीबन 900 करोड़ रुपए का है। इसके अलावा परिवार के नाम पर भी कई दुकानें और अन्य प्रॉपर्टीज हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करोड़ों रुपए में है। शेयर मार्केट में भी डीके शिवकुमार ने अच्छा-खासा इनवेस्ट कर रखा है। विभिन्न कंपनियों के शेयरों में उन्होंने और उनकी पत्नी ने करोड़ों रुपए लगा रखे हैं। वहीं, 9 करोड़ रुपए की एफडी भी उनके नाम है। ज्वैलरी की बात करें तो डीके शिवकुमार, उनकी पत्नी और बच्चों के नाम 3.2 करोड़ से ज्यादा के आभूषण हैं। यह सारी जानकारी डीके शिवकुमार के साल 2023 विधानसभा चुनाव के हलफनामे में दी गई है।
कहां हुआ है जन्म
डीके शिवकुमार का जन्म 15 मई 1962 को कर्नाटक के रामनगर जिले के कनकपुरा तालुक के अंतर्गत आने वाले दोड्डआलाहल्ली' गांव में हुआ। उनका परिवार वोक्कालिगा समुदाय से जुड़ा है। कर्नाटक की राजनीति में इस समुदाय का काफी दबदबा है। डीके ने अपनी पढ़ाई-लिखाई बेंगलुरु से ही की है। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव सियासत की तरफ हो गया। 1980 के दशक में उनका जुड़ाव कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से हुआ। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सियासी सफर भी शानदार
डीके का सियासी सफर भी बेहद रोचक रहा। जब उनकी उम्र मात्र 23 साल थी, तभी वह एचडी देवगौड़ा के खिलाफ सथनूर सीट पर चुनावी मैदान में उतर गए थे। यह साल था और 1985। हालांकि कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने गए डीके को यहां पर हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन अपने जुझारूपन की बदौलत वह शीर्ष नेतृत्व की नजरों में आ चुके थ। साल 1989 में डीके दोबारा इसी सीट से चुनाव लड़े और जीते थी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह अब तक कुल 8 बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।
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लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।


