राजनीति नहीं करते; प्रधानमंत्री मोदी के कर्नाटक CM वाले तंज पर बोले डीके शिवकुमार
कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के ऊपर तंज कसा था। अब उसी तंज का जवाब मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दिया है। शिवकुमार ने प्रधानमंत्री के साथ सीधे टकराव से बचते हुए सुलह का संकेत दिया और राजनीति न करने की अपील की।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के साथ सुलह का संदेश दिया है। कर्नाटक सीएम बदलने पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए तंज पर भी शिवकुमार ने हल्का रुख अपनाया। शनिवार को शिवकुमार से जब पीएम मोदी के बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच में सुलह होनी चाहिए राजनीति नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और आठ बार विधायक रह चुके मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार प्रधानमंत्री मोदी के नाम संदेश जारी किया। सबसे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर पीएम की तरफ से आए बधाई संदेश के लिए उनका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, "मैं उनसे (प्रधानमंत्री मोदी से) मिलने जाऊंगा। हमें राजनीति नहीं करनी चाहिए और उन्हें भी राजनीति नहीं करनी चाहिए। आइए विकास की बात करें, विकास के मुद्दों पर सहयोग करें।"
क्या कहा था पीएम मोदी ने?
कर्नाटक में सरकार में आने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान चल रही थी। 2023 में चुनाव जीतकर कांग्रेस पार्टी ने वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री पद पर बैठाया साथ ही डीके शिवकुमार को भी इसका वादा कर दिया। ढाई साल पूरे होने के बाद से लगातार इस पर राजनीति चल रही है। अभी जब सिद्धारमैया ने इस्तीफा दिया और डीके शिवकुमार ने पद संभाला तो इसी बात को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर उथल-पुथल मचाने का तंज कसा।
शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा जनता के आक्रोश की वजह से कांग्रेस को कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलना पड़ा। उन्होंने कहा, “खुद से पैदा हुई अराजकता में अवसर तलाशने वाली बिखरती कांग्रेस की राजनीति काम नहीं करेगी। कर्नाटक में भी कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता में गहरा आक्रोश है। यही कारण है कि कांग्रेस को कर्नाटक में अपना मुख्यमंत्री बदलना पड़ रहा है।” हालांकि, इस तंज के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने डीके शिवकुमार को उनकी शपथ ग्रहण के मौके पर बधाई भी दी। और केंद्र सरकार द्वारा पूरे सहयोग का भरोसा दिलाया गया।
शपथ के बाद परेशानी में हैं डीके शिवकुमार
तीन साल के संघर्ष के बाद डीके शिवकुमार को आखिरकार मुख्यमंत्री पद मिल गया है। लेकिन इसके साथ ही विवाद भी खड़े हो रहे हैं। शपथ ग्रहण के दो दिन बाद ही वरिष्ठ नेता और मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने पसंदीदा मंत्रालय न मिलने पर पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री डीके ने कहा था कि रामलिंगा रेड्डी उनके अच्छे दोस्त हैं, वह जल्दी ही मामला सुलझा लेंगे। लेकिन इसके बाद भी रामलिंगा रेड्डी के तेवर नरम नहीं हुए थे। एक तरफ शिवकुमार, रेड्डी को संभालन की कोशिश कर रहे थे उसी वक्त दूसरी तरफ एक और मंत्री के एम मुनियप्पा ने भी अपने विभाग को लेकर नाराजगी जाहिर कर दी। उन्होंने इसमें राहुल गांंधी को भी लपेटते हुए कहा कि उन्होंने राहुल से भी अपनी पसंद के बारे में बताया था लेकिन इसके बाद भी उन्हें मंत्रालय नहीं दिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवकुमार से विभाग बदलने की अपील की थी।
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लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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