
पहले विवाद, अब मुलाकात; बुनियादी सुविधाओं पर तकरार के बाद CM-Dy CM से क्यों मिलीं किरण शॉ
इससे पहले शिवकुमार ने किरण मजूमदार शॉ द्वारा बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे, की आलोचना को निजी एजेंडा बताया था और सवाल किया था कि जब कर्नाटक में भाजपा की सरकार थी, तब ऐसे मुद्दों को क्यों नहीं उठाया गया।
देश की आईटी नगरी बेंगलुरु की सड़कों पर गड्ढे और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी पर छिड़ी बहस के बीच बायोकॉन की संस्थापक और भारतीय उद्योग जगत की बड़ी हस्ती किरण मजूमदार-शॉ ने आज (मंगलवार, 21 अक्टूबर) सुबह कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से बेंगलुरु में उनके आवास पर जाकर मुलाकात की है। हालांकि, कहा जा रहा है कि किरण मजूमदार-शॉ ने अपने भतीजे की शादी में आमंत्रित करने के लिए दोनों नेताओं से मुलाकात की है लेकिन राजनीतिक हलकों में ये चर्चा भी हो रही है कि कहीं ये डैमेज कंट्रोल की कोशिश तो नहीं है।

ये मुलाकातें इसलिए चर्चा का विषय बन गईं हैं क्योंकि एक दिन पहले तक बेंगलुरु में बुनियादी ढांचे को लेकर किरण मजूमदार शॉ और कर्नाटक के मंत्रियों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस हुई थी। हालांकि, सीएम और डिप्टी सीएम से मिलकर निकलीं शॉ ने मीडिया से बात नहीं की, लेकिन डीके शिवकुमार ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उनके बीच “बेंगलुरु के विकास, नवाचार और कर्नाटक के विकास को आगे के रास्ते पर ले जाने पर गहन चर्चा हुई।”
शिवकुमार ने बताया था निजी एजेंडा
बड़ी बात यह है कि इससे पहले, शिवकुमार ने किरण मजूमदार शॉ द्वारा बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे, जिसमें सड़कों की स्थिति भी शामिल है, की आलोचना को "निजी एजेंडा" बताया था और सवाल किया था कि जब कर्नाटक में भाजपा की सरकार थी, तब ऐसे मुद्दों को क्यों नहीं उठाया गया। शॉ ने सोशल मीडिया पर इसका विरोध किया और कहा कि उन्होंने भाजपा और जेडीएस शासन के दौरान भी बेंगलुरु में बिगड़ते बुनियादी ढांचे की आलोचना की थी। उन्होंने कहा, "हमारा एजेंडा स्पष्ट है, सड़कों की सफाई और मरम्मत।"
किरण शॉ ने क्या लिखा था?
बायोकॉन के संस्थापक और भारतीय उद्योग जगत के अन्य प्रमुख व्यक्ति, जैसे कि इंफोसिस के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी टीवी मोहनदास पई, देश की आईटी राजधानी में खराब बुनियादी ढाँचे और नागरिक सुविधाओं की ओर ध्यान दिलाते रहे हैं। हाल ही में शॉ ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “बायोकॉन पार्क में एक विदेशी व्यवसायी मेरे पास आया था जिसने मुझसे कहा, 'सड़कें इतनी खराब क्यों हैं और चारों ओर इतना कचरा क्यों है? क्या सरकार निवेश को बढ़ावा नहीं देना चाहती? मैं अभी चीन से आई हूँ और समझ नहीं पा रही हूँ कि भारत अपने काम को व्यवस्थित क्यों नहीं कर पा रहा है, खासकर जब हवाएँ अनुकूल हों?'”
भ्रष्टाचार और कुशासन का नतीजा
शॉ ने अपने ट्वीट में सीएम सिद्धारमैया, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और आईटी मंत्री प्रियांक खरगे को बी टैग किया था। इससे पहले, पई ने कहा था कि बेंगलुरु के सड़क बुनियादी ढाँचे की हालत विकास का परिणाम नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और कुशासन का नतीजा है। उन्होंने कहा, "क्या हमारे पास गड्ढों वाली सड़कें नहीं हो सकतीं? यह एआई का काम नहीं है; यह 200 से ज़्यादा सालों से होता आ रहा है।"





