Hindi NewsIndia NewsDK Shivakumar meets Kiran Mazumdar Shaw at his residence after online spat over Bengaluru infrastructure
पहले विवाद, अब मुलाकात; बुनियादी सुविधाओं पर तकरार के बाद CM-Dy CM से क्यों मिलीं किरण शॉ

पहले विवाद, अब मुलाकात; बुनियादी सुविधाओं पर तकरार के बाद CM-Dy CM से क्यों मिलीं किरण शॉ

संक्षेप:

इससे पहले शिवकुमार ने किरण मजूमदार शॉ द्वारा बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे, की आलोचना को निजी एजेंडा बताया था और सवाल किया था कि जब कर्नाटक में भाजपा की सरकार थी, तब ऐसे मुद्दों को क्यों नहीं उठाया गया।

Tue, 21 Oct 2025 02:30 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, बेंगलुरु
share Share
Follow Us on

देश की आईटी नगरी बेंगलुरु की सड़कों पर गड्ढे और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी पर छिड़ी बहस के बीच बायोकॉन की संस्थापक और भारतीय उद्योग जगत की बड़ी हस्ती किरण मजूमदार-शॉ ने आज (मंगलवार, 21 अक्टूबर) सुबह कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से बेंगलुरु में उनके आवास पर जाकर मुलाकात की है। हालांकि, कहा जा रहा है कि किरण मजूमदार-शॉ ने अपने भतीजे की शादी में आमंत्रित करने के लिए दोनों नेताओं से मुलाकात की है लेकिन राजनीतिक हलकों में ये चर्चा भी हो रही है कि कहीं ये डैमेज कंट्रोल की कोशिश तो नहीं है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

ये मुलाकातें इसलिए चर्चा का विषय बन गईं हैं क्योंकि एक दिन पहले तक बेंगलुरु में बुनियादी ढांचे को लेकर किरण मजूमदार शॉ और कर्नाटक के मंत्रियों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस हुई थी। हालांकि, सीएम और डिप्टी सीएम से मिलकर निकलीं शॉ ने मीडिया से बात नहीं की, लेकिन डीके शिवकुमार ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उनके बीच “बेंगलुरु के विकास, नवाचार और कर्नाटक के विकास को आगे के रास्ते पर ले जाने पर गहन चर्चा हुई।”

ये भी पढ़ें:ऐसी जहरीली विचारधारा से... RSS विवाद में कूदे उदित राज; बिहार चुनाव से कनेक्शन?

शिवकुमार ने बताया था निजी एजेंडा

बड़ी बात यह है कि इससे पहले, शिवकुमार ने किरण मजूमदार शॉ द्वारा बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे, जिसमें सड़कों की स्थिति भी शामिल है, की आलोचना को "निजी एजेंडा" बताया था और सवाल किया था कि जब कर्नाटक में भाजपा की सरकार थी, तब ऐसे मुद्दों को क्यों नहीं उठाया गया। शॉ ने सोशल मीडिया पर इसका विरोध किया और कहा कि उन्होंने भाजपा और जेडीएस शासन के दौरान भी बेंगलुरु में बिगड़ते बुनियादी ढांचे की आलोचना की थी। उन्होंने कहा, "हमारा एजेंडा स्पष्ट है, सड़कों की सफाई और मरम्मत।"

किरण शॉ ने क्या लिखा था?

बायोकॉन के संस्थापक और भारतीय उद्योग जगत के अन्य प्रमुख व्यक्ति, जैसे कि इंफोसिस के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी टीवी मोहनदास पई, देश की आईटी राजधानी में खराब बुनियादी ढाँचे और नागरिक सुविधाओं की ओर ध्यान दिलाते रहे हैं। हाल ही में शॉ ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “बायोकॉन पार्क में एक विदेशी व्यवसायी मेरे पास आया था जिसने मुझसे कहा, 'सड़कें इतनी खराब क्यों हैं और चारों ओर इतना कचरा क्यों है? क्या सरकार निवेश को बढ़ावा नहीं देना चाहती? मैं अभी चीन से आई हूँ और समझ नहीं पा रही हूँ कि भारत अपने काम को व्यवस्थित क्यों नहीं कर पा रहा है, खासकर जब हवाएँ अनुकूल हों?'”

ये भी पढ़ें:बेंगलुरु में उद्योगपतियों से बात, मोहाली के लिए न्योता; बेंगलुर में क्या बोले CM

भ्रष्टाचार और कुशासन का नतीजा

शॉ ने अपने ट्वीट में सीएम सिद्धारमैया, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और आईटी मंत्री प्रियांक खरगे को बी टैग किया था। इससे पहले, पई ने कहा था कि बेंगलुरु के सड़क बुनियादी ढाँचे की हालत विकास का परिणाम नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और कुशासन का नतीजा है। उन्होंने कहा, "क्या हमारे पास गड्ढों वाली सड़कें नहीं हो सकतीं? यह एआई का काम नहीं है; यह 200 से ज़्यादा सालों से होता आ रहा है।"

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen
भूगोल में पीएचडी और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर उपाधि धारक। ईटीवी से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार पत्रकारिता करियर की शुरुआत। कई हिंदी न्यूज़ चैनलों (इंडिया न्यूज, फोकस टीवी, साधना न्यूज) की लॉन्चिंग टीम का सदस्य और बतौर प्रोड्यूसर, सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में काम करने के बाद डिजिटल पत्रकारिता में एक दशक से लंबे समय का कार्यानुभव। जनसत्ता, एनडीटीवी के बाद संप्रति हिन्दुस्तान लाइव में कार्यरत। समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक जगत के अंदर की खबरों पर चिंतन-मंथन और लेखन समेत कुल डेढ़ दशक की पत्रकारिता में बहुआयामी भूमिका। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और संपादन। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।