सीएम बनने से पहले डीके शिवकुमार को कोर्ट से बड़ी राहत, मिल गई विदेश जाने की इजाजत

लाइव हिन्दुस्तान, बेंगलुरु
Follow us on Google News
share

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और अगले सीएम डीके शिवकुमार को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। आयकर मामले में अदालत ने उन्हें 2 साल के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी है। पढ़ें पूरी खबर।

सीएम बनने से पहले डीके शिवकुमार को कोर्ट से बड़ी राहत, मिल गई विदेश जाने की इजाजत

कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को बेंगलुरु की एक विशेष अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें 2017 के इनकम टैक्स चोरी मामले में दो साल की अवधि के लिए विदेश यात्रा करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, इसके लिए अदालत ने कुछ शर्तें भी तय की हैं।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट केएन शिवकुमार ने डीके शिवकुमार की उस अर्जी को मंजूर किया, जिसमें उन्होंने आधिकारिक और कारोबारी कामकाज के सिलसिले में विदेश जाने की अनुमति मांगी थी। यह अनुमति उनके खिलाफ चल रहे टैक्स चोरी मामले में जमानत की शर्तों के तहत मांगी गई थी।

किन देशों में जा सकेंगे डीके शिवकुमार?

अदालत ने डीके शिवकुमार को अगले दो वर्षों के दौरान इन देशों की यात्रा की अनुमति दी है:

  • अमेरिका
  • यूरोपीय देश
  • यूनाइटेड किंगडम (यूके)
  • ऑस्ट्रेलिया
  • रूस
  • अरब देश

अदालत ने क्या शर्तें लगाईं?

कोर्ट ने साफ किया है कि हर विदेश यात्रा से पहले डीके शिवकुमार को अपनी यात्रा का कार्यक्रम और पूरी जानकारी जांच एजेंसी को देनी होगी।

इसके अलावा: अदालत के निर्देश पर उन्हें पेश होना होगा। अगर वे किसी भी शर्त का उल्लंघन करते हैं तो जांच एजेंसी या अभियोजन पक्ष उनकी विदेश यात्रा की अनुमति रद्द कराने के लिए अदालत का रुख कर सकता है।

15 मई के आदेश में अदालत ने कहा कि किसी भी तरह की चूक होने पर जांच एजेंसी या अभियोजन पक्ष आवश्यक आवेदन दाखिल करने के लिए स्वतंत्र होगा।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला आयकर विभाग की ओर से दर्ज टैक्स चोरी केस से जुड़ा है। इस केस में डीके शिवकुमार के अलावा सचिन नारायण, सुनील कुमार शर्मा, अंजनेय हनुमंथैया और एन राजेंद्र भी आरोपी हैं।

आयकर विभाग ने उनके खिलाफ आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 276C(1), 277 और 278 के साथ-साथ आईपीसी की धारा 193, 199 और 120B के तहत मामला दर्ज किया था।

मामला 2017 में डीके शिवकुमार से जुड़े परिसरों पर हुई छापेमारी के बाद सामने आया था। आयकर विभाग ने आरोप लगाया था कि बेंगलुरु-मैसूरु हाईवे स्थित ईगलटन गोल्फ रिजॉर्ट में की गई तलाशी के दौरान अहम सबूत नष्ट करने की कोशिश की गई थी। तलाशी में कथित तौर पर करीब 8.83 करोड़ रुपये नकद भी बरामद किए गए थे। हालांकि, डीके शिवकुमार लगातार इन जांचों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं।

कोर्ट ने अनुमति देने के पीछे क्या वजह बताई?

जमानत देते समय अदालत ने डीके शिवकुमार पर बिना अनुमति देश छोड़ने पर रोक लगाई थी। इसी शर्त में ढील देने के लिए उन्होंने आवेदन किया था।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि डीके शिवकुमार को निजी कारोबारी गतिविधियों के विकास और अपने विभागों से जुड़े विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं के कामकाज के लिए अलग-अलग देशों की यात्रा करनी पड़ सकती है। इसलिए विदेश यात्रा की अनुमति मांगने के लिए दिए गए कारण प्रथम दृष्टया वास्तविक और उचित प्रतीत होते हैं।

अदालत ने यह भी नोट किया कि इसी मामले में एक अन्य आरोपी को पहले आठ महीने के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दी जा चुकी है। ऐसे में डीके शिवकुमार को समान राहत देने से इनकार करने का कोई कारण नहीं है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले के दो सह-आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट से कार्यवाही पर रोक हासिल कर रखी है। ऐसे में फिलहाल ट्रायल के लिए डीके शिवकुमार की व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी नहीं दिखती।

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के लिए उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के साथ सत्ता संघर्ष पूर्ण विराम लगाते हुए तथा नेतृत्व परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करते हुए कांग्रेस नेता सिद्धरमैया ने बृहस्पतिवार को इस पद से इस्तीफा दे दिया। दो दिन पहले ही पार्टी आलाकमान ने उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ने का निर्देश दिया था। सिद्धरमैया ने यहां लोक भवन में राज्यपाल के विशेष सचिव को अपना इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद प्रेसवार्ता को संबोधित किया।

इस खबर पर आपकी क्या राय है?

Amit Kumar

लेखक के बारे में

Amit Kumar

डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


अमित न केवल समाचारों के त्वरित प्रकाशन में माहिर हैं, बल्कि वे खबरों के पीछे छिपे 'क्यों' और 'कैसे' को विस्तार से समझाने वाले एक्सप्लेनर लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं। डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों, जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, ट्रेंड एनालिसिस और एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन को वे बखूबी समझते हैं। उनकी पत्रकारिता की नींव 'फैक्ट-चेकिंग' और सत्यापन पर टिकी है। एक मल्टीमीडिया पत्रकार के तौर पर अमित का सफर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रहा है। उन्होंने अमर उजाला, वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है।


अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

और पढ़ें