पिता की मौत के बाद तलाक, बेटी को फैमिली पेंशन का हक नहीं; हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
त्रिपुरा हाई कोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर पिता की मौत के बाद बेटी का तलाक हुआ है तो वह फैमिली पेंशन पर दावा ठोकने की हकदार नहीं है। याचिकाकर्ता पिता के साथ रही थी लेकिन कानूनी तौर पर तलाक नहीं हुआ था।

तलाकशुदा बेटी को फैमिली पेंशन मिलने के मामले में त्रिपुरा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर पिता को पेंशन मिलती थी और उनकी मौत के बाद बेटी का तलाक होता है तो वह फैमिली पेंशन की हकदार नहीं होंगी। कोर्ट ने की त्रिपुरा स्टेट सिविल सर्विस रूल 2017 के नियम 8 के मुताबिक फैमिली पेंशन में उसी को हिस्सा मिल सकता है जो कि परिवार में शामिल हो।
जस्टिस एस दद्दा पुरकायस्थ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कुछ परिस्थितियों में अविवाहित बेटियं, विधवा या फिर तलाकशुदा बेटी को फैमिली पेंशन का अधिकार दिया जाता है। हालांकि इस मामले में पति-पत्नी दोनों पहले से अलग रह रहे थे लेकिन तलाक पिता की मौत के बाद ही हुआ है। ऐसे में महिला को पेंशन का हक नहीं मिल सकता है। कोर्ट ने कहा कि नियम के मुताबिक इस तरह के मामलों में बेटी को पेंशन का अधिकार नहीं दिया जा सकता है।
कोर्ट ने कहा कि यह किसी तरह के भेदभावपूर्ण निर्णय नहीं है क्योंकि कोर्ट नियमों में परिवर्तन नहीं कर सकता है। बता दें कि एक महिला ने अपने पिता की मौत के बाद उनकी फैमिली पेंशन में हिस्सा मांगा था। उनके पिता अगरतला म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन में कर्मचारी थे। उन्हें रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलती थी। 2 दिसंबर 2018 को उनकी मौत हो गई थी।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उनके पति ने शादी के कुछ दिन बाद ही उन्हें छोड़ दिया था। इसके बाद 40 साल से वह पिता के पास ही रह रही थीं और उनपर ही निर्भर थीं। 2021 में तलाक मिलने के बाद उन्होंने फैमिली पेंशन के लिए अप्लाई किया। म्युनिसिपल अथॉरिटी की तरफ से उनका आवेदन खारिज कर दिया गया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट का रुख किया।
हाई कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता पिता की मौत के समय उनपर निर्भर थी लेकिन उनका स्टेटस परिवार में नहीं था। वह अपने पति से अलग रहती थी लेकि नतलाक नहीं हुआ था। ऐसे में नियम कहता है कि शादीशुदा बेटी फैमिली पेंशन की हकदार नहीं है।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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