
शरीर पर सिर्फ एक चोट का निशान, हार्ट अटैक से हुई मौत; हत्या के 2 आरोपी कोर्ट से बरी
कोर्ट ने कहा कि सभी सबूतों से यह बात स्पष्ट हो गई है कि एक छोटे से झगड़े को बड़ा बनाकर आरोपियों को फंसाने की कोशिश की गई है। अदालत ने कहा कि शख्स की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी।
महाराष्ट्र की एक जिला अदालत ने हाल ही में एक फैसला सुनाते हुए हत्या के 2 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने इस दौरान कहा कि आरोपियों पर जिस शख्स की हत्या का आरोप है, उसकी मौत दरअसल हार्ट अटैक से हुई थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि दोषियों को फंसाने के लिए एक मामूली झगड़े को बढ़ा चढ़ाकर दिखाया गया।

27 अक्टूबर के फैसले में जस्टिस एस बी अग्रवाल ने आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि आरोप लगाने वाला पक्ष 30 वर्षीय गुफरान यूसुफअली अंसारी और 34 वर्षीय शाहनवाज मोहम्मद शफी अंसारी के खिलाफ आरोपों को साबित करने में विफल रहा।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल कोर्ट में 8 अक्टूबर 2020 को मुंब्रा के एक चॉल में हुई घटना को लेकर सुनवाई चल रही थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक गुलाम रसूल जमील हक शेख ने आरोपी गुफरान के पिता के बढ़ईगीरी के काम से निकलने वाली धूल पर आपत्ति जताई थी। दावे के मुताबिक इसके बाद अगली सुबह गुफरान ने शेख पर हमला कर दिया। बाद में रात लगभग 8 बजे जब शेख के बच्चों ने आरोपियों से पूछताछ की, तो उन्होंने बच्चों के साथ भी दुर्व्यवहार किया और कथित तौर पर शेख की पिटाई भी की, जिससे उसकी मौत हो गई।
अदालत ने क्यों किया बरी?
हालांकि अदालत ने पाया कि किसी भी स्वतंत्र गवाह ने इस घटनाक्रम का समर्थन नहीं किया है। वहीं अदालत ने यह भी कहा कि मृतक की जांच करने वाले डॉक्टर ने भी निष्कर्ष निकाला है कि शेख की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। कोर्ट ने कहा, “मृतक के शरीर पर एक मामूली चोट के अलावा कोई चोट का निशान नहीं मिला। इसलिए, यह नहीं कहा जा सकता कि मृतक की हत्या की गई थी।”





