लाल मिर्च डाला, गर्म पानी उड़ेला, पुलिस कस्टडी में टॉर्चर से सुशांत की मौत, ओडिशा से हफ्तेभर में तीसरा मामला
पत्नी के मुताबिक मृतक को पुलिस अवैध तरीके से उठाकर ले गई और हिरासत में रख लिया। एक हफ्ते बाद परिवार को फोन कर बताया गया कि उसे ले जाया जा सकता है। तब तक उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी।

ओडिशा से पुलिस की कस्टडी में मौत के एक के बाद एक मामले सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है। सोमवार को राज्य के गंजम जिले से भी एक ऐसी ही खबर सामने आई है। यहां पुलिस पर एक दिव्यांग युवक के साथ बर्बरता के आरोप लगे हैं। कथित तौर पर पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के बाद युवक की मौत हो गई है। मृतक के परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उसे अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा और उस पर खौलता हुआ गर्म पानी और लाल मिर्च का पाउडर भी डाला।
घटना गंजम जिले के कबिसूर्यनगर थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान सुबलाया गांव के रहने वाले 32 वर्षीय सुशांत साहू के रूप में हुई है। सुशांत की पत्नी ममाजिनी साहू ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी ने बताया कि पुलिस ने 25 मई को सुशांत और उनके एक रिश्तेदार ईश्वर को एक खदान में हुए विवाद के सिलसिले में घर से उठा लिया।
पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
परिवार ने आरोप लगाया कि FIR में सुशांत का नाम तक नहीं था, लेकिन एक हफ्ते तक अवैध रूप से थाने में बंद रखा गया। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट ने पत्नी ममाजिनी के हवाले से बताया, “ईश्वर को तो पुलिस ने कोर्ट में पेश कर दिया, लेकिन मेरे दिव्यांग पति को अवैध रूप से हिरासत में रखकर तब तक प्रताड़ित किया गया जब तक उनकी मौत नहीं हो गई। पुलिसवालों ने उन पर गर्म पानी डाला और उनके घावों पर लाल मिर्च का पाउडर छिड़का।”
परिजनों के मुताबिक रविवार रात करीब साढ़े 8 बजे पुलिस ने उन्हें फोन कर सुशांत को थाने से ले जाने को कहा। जब सुशांत के पिता और भाई थाने पहुंचे, तो सुशांत की हालत बेहद गंभीर थी। जब परिवार ने इस हालत में उन्हें घर ले जाने से मना किया, तो पुलिस ने उन्हें धमकाया और एक कोरे कागज पर जबरन दस्तखत करवा लिए। इसके बाद परिजनों सुशांत को अस्पताल लेकर गए। डॉक्टरों ने देर रात उन्हें मृत घोषित कर दिया। आस्का के मेडिकल ऑफिसर बाल गोपाल बेहरा ने भी पुष्टि की है कि युवक को जब अस्पताल लाया गया था तब उसकी हालत बेहद नाजुक थी।
ट्रेनी आईपीएस अधिकारी के खिलाफ एक्शन
मामला सामने आने के बाद चौतरफा घिरे पुलिस प्रशासन ने आनन-फानन में एक्शन लेते हुए थाने के प्रभारी, एक ट्रेनी आईपीएस अधिकारी को पद से हटा दिया है और उनकी सेवाएं वापस ले ली हैं। गंजम के पुलिस अधीक्षक (SP) हरीश बी.सी. ने कहा है कि पुलिस के खिलाफ लगे सभी आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जाएगी। वहीं, ओड़िशा के पुलिस महानिदेशक ने मामले की जांच ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन सेल (HRPC) को सौंप दी है।
हफ्तेभर में तीसरा मामला
ओड़िशा में पुलिस कस्टडी में प्रताड़ना का हफ्तेभर में यह तीसरा मामला है। केंद्रपाड़ा जिले के एक थाने की महिला पुलिस इंस्पेक्टर को एक मां और उसके बेटे को हिरासत में बुरी तरह प्रताड़ित करने के आरोप में पिछले हफ्ते ही सस्पेंड किया गया है। वहीं कटक के बारंग थाने में एक युवक की कस्टडी में बर्बर पिटाई के बाद थाना प्रभारी को पद से हटाया गया है। पीड़ित युवक कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज में इलाजरत है।
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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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