मोदी सरकार का बड़ा कदम, ममता बनर्जी के पूर्व सांसद को बना रही बांग्लादेश में हाई कमिश्नर

Madan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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यूपीए के कार्यकाल में दिनेश त्रिवेदी रेल मंत्री के अलावा,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भी थे। उन्होंने 2021 को टीएमसी से इस्तीफा दिया और भाजपा में शामिल हो गए। अब उन्हें बांग्लादेश का हाई कमिश्नर बनाया जा रहा।

मोदी सरकार का बड़ा कदम, ममता बनर्जी के पूर्व सांसद को बना रही बांग्लादेश में हाई कमिश्नर

मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल के बैरकपुर के पूर्व सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश का हाई कमिश्नर बनाने का फैसला किया है। दिनेश त्रिवेदी भाजपा में आने से पहले ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं और टीएमसी कोटे से ही यूपीए सरकार में रेल मंत्री बने थे। हालांकि, बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए। त्रिवेदी डिप्लोमैट प्रणय वर्मा की जगह लेंगे। वर्मा अब ब्रसेल्स जाकर ईयू में भारत के राजदूत का पद संभालेंगे।

बांग्लादेश में सरकार बदलने और तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद से भारत के साथ संबंध बेहतर हुए हैं। शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में पड़ोसी देश में सरकार बनी, जिसके बाद हिंदुओं के साथ काफी ज्यादती हुई। हिंसक घटनाओं में कई हिंदुओं की मौत हुई और इससे भारत व बांग्लादेश के बीच संबंधों में खटास आ गई। हाल ही में हुए आम चुनावों के बाद तारिक रहमान पीएम बने, जिससे संबंध फिर से सुधरने लगे।

यूपीए के कार्यकाल में दिनेश त्रिवेदी रेल मंत्री के अलावा,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भी थे। उन्होंने 12 फरवरी, 2021 को टीएमसी से इस्तीफा दिया और 6 मार्च, 2021 को भाजपा में शामिल हो गए। उसी साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव भी थे और कई टीएमसी के नेताओं ने भाजपा का दामन थामा था। हालांकि, पार्टी महज 77 सीटें ही जीत सकी और ममता बनर्जी एक बार फिर मुख्यमंत्री बनीं।

सरकार ने दिया साफ संकेत

दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति मोदी सरकार की ओर से एक साफ संकेत है कि उसे अहम देशों में भारत के दूत के तौर पर राजनीतिक नेताओं को भेजने में कोई हिचक नहीं है, और ये बेहद चाही जाने वाली पोस्टिंग पर सिर्फ भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों का ही अधिकार क्षेत्र नहीं हैं। जहां पूर्व सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने 2019-2022 तक सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त के तौर पर काम किया, वहीं ढाका में त्रिवेदी की पोस्टिंग से यह भी संकेत मिलता है कि भारत अपने पड़ोसी देशों में दूत के तौर पर कद्दावर हस्तियों को भेजेगा।

कौन हैं दिनेश त्रिवेदी?

4 जून, 1950 को जन्मे दिनेश त्रिवेदी पश्चिम बंगाल की बैरकपुर लोकसभा सीट से साल 2009 से 2019 तक सांसद रहे। इसके अलावा, वे दो अलग-अलग कार्यकालों में 1990-96, 2002-08 तक राज्यसभा सांसद भी रहे। उन्हें साल 2012 में रेल किराया बढ़ाने के चलते अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।2012 के रेल बजट में दिनेश त्रिवेदी ने यात्री किराया बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। यह बढ़ोतरी कई सालों बाद की जा रही थी, ताकि रेलवे की खराब वित्तीय स्थिति सुधारी जा सके। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी इस किराया बढ़ोतरी के खिलाफ थीं। पार्टी का मानना था कि इससे आम जनता पर बोझ पड़ेगा। पार्टी ने सार्वजनिक रूप से ही त्रिवेदी के फैसले का विरोध किया और उनसे इस्तीफा मांग लिया। इसके बाद मुकुल रॉय को रेल मंत्री बनाया गया था।

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लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
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वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

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