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खालिस्तानी पन्नू ने दी दिलजीत दोसांझ को धमकी, अमिताभ बच्चन से इसका क्या कनेक्शन

खालिस्तानी पन्नू ने दी दिलजीत दोसांझ को धमकी, अमिताभ बच्चन से इसका क्या कनेक्शन

संक्षेप:

खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने मशहूर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को धमकी दी है। पन्नू की ओर से धमकी दी गई है कि दोसांझ के ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में 1 नवंबर को होने वाले कंसर्ट को रद्द कर दिया जाए। उसने कंसर्ट ना होने देने की धमकी दी है।

Wed, 29 Oct 2025 10:26 AMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने मशहूर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को धमकी दी है। पन्नू की ओर से धमकी दी गई है कि दोसांझ के ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में 1 नवंबर को होने वाले कंसर्ट को रद्द कर दिया जाए। उसने कंसर्ट ना होने देने की धमकी दी है। पन्नू की इस धमकी का बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन से भी कनेक्शन है। पन्नू ने बिग बी के पैर छूने को 1984 के नरसंहार पीड़ितों का अपमान बताया है। पन्नू ने बयान जारी कर कहा है कि दिलजीत दोसांझ ने अमिताभ बच्चन के पैर छूकर 1984 के नरसंहार के पीड़ितों का अपमान किया है।

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दोसांझ ने ऐसा करके 1984 के हर पीड़ित, हर विधवा और हर अनाथ का अपमान किया है। इसके लिए पन्नू ने अमिताभ बच्चन को भी गीदड़भभकी दी है और कहा कि उन्होंने पैर छुआकर ठीक नहीं किया। गुरपतवंत सिंह पन्नू ने आरोप लगाया कि अमिताभ बच्चन ने 1984 में नरसंहार करने वाले लोगों का समर्थन किया था। उसने कहा कि अमिताभ बच्चन ने नरसंहार का विरोध नहीं किया था। ऐसे शख्स के पैर छूकर दिलजीत दोसांझ ने हर पीड़ित, हर विधवा और उन दंगों में अनाथ हुए हर बच्चे का अपमान किया है।

1 नवंबर को है ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में दोसांझ का आयोजन

बता दें कि 1 नवंबर को दिलजीत दोसांझ का ऑस्ट्रेलिया में कॉन्सर्ट है और उसी दिन को अकाल तख्त साहिब ने सिख नरसंहार स्मृति दिवस के तौर पर मनाने का फैसला लिया है। एक बयान में खालिस्तानी संगठन के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा कि दोसांझ ने बच्चन को सम्मान देकर '1984 के सिख नरसंहार के प्रत्येक पीड़ित, विधवा और अनाथ का अपमान किया है।' पन्नू ने दावा किया कि अमिताभ बच्चन ने 31 अक्टूबर 1984 को 'खून का बदला खून' जैसा नारा दिया था। इस तरह उन्होंने भीड़ को उकसाया था। इसके बाद ही सिखों का नरसंहार करने वाली भीड़ निकली थी।

कार्यक्रम की तारीख को लेकर क्यों भड़के हैं खालिस्तानी

दोसांझ के कार्यक्रम की तारीख को लेकर भी उसने निशाना साधा और कहा कि यह तो सिख पीड़ितों का मजाक उड़ाने जैसा है। सिख्स फॉर जस्टिस ने कहा कि वह 1 नवंबर को कार्यक्रम स्थल के बाहर एक रैली निकालेगा और उसने अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज को पत्र लिखकर दोसांझ को तलब करके उनके कृत्य पर स्पष्टीकरण देने का अनुरोध किया है।

Surya Prakash

लेखक के बारे में

Surya Prakash
दुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। करियर की शुरुआत प्रिंट माध्यम से करते हुए बीते करीब एक दशक से डिजिटल मीडिया में हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क के इंचार्ज हैं। और पढ़ें
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