सोनिया और खरगे ने किया वंदे मातरम का अपमान? कांग्रेस ने दी सफाई; VIDEO वायरल
कांग्रेस के अनुसार, उस समय बैकग्राउंड में कुछ हलचल हो रही थी। सोनिया गांधी केवल यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही थीं कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए बैठने की व्यवस्था की जाए, जो बुजुर्ग हैं और काफी देर से खड़े थे।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में झंडोत्तोलन का कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान वंदे मातरम का भी गायन हुआ। इस कार्यक्रम का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी वंदे मातरम के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कुछ बात करती नजर रही हैं। इस विवाद के बाद कांग्रेस ने अपनी सफाई दी है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि इस घटना का राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के अपमान से कोई लेना-देना नहीं है।
कांग्रेस के अनुसार, उस समय बैकग्राउंड में कुछ हलचल हो रही थी। सोनिया गांधी केवल यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही थीं कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए बैठने की व्यवस्था की जाए, जो बुजुर्ग हैं और काफी देर से खड़े थे।
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा, "उस समय बैकग्राउंड में कुछ हलचल चल रही थी। सोनिया गांधी चाहती थीं कि खरगे जी के लिए एक कुर्सी का प्रबंध किया जाए क्योंकि वे बुजुर्ग हैं और काफी समय से खड़े थे। प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के साथ विरोध प्रदर्शन के दौरान भी उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया था और उन्हें बीच में ही ले जाना पड़ा था।"
पार्टी ने आगे जोर देते हुए कहा, "उसी समय 'वंदे मातरम' का गायन शुरू हो गया। सोनिया गांधी के इशारे का वंदे मातरम से कोई संबंध नहीं था। वह स्वयं भी राष्ट्रगीत गा रही थीं। वह केवल यह सुनिश्चित कर रही थीं कि व्यवस्था ठीक बनी रहे।"
कैसे शुरू हुआ विवाद?
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में झंडारोहण के अवसर पर 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण गाया गया था। इस दौरान एक वीडियो सामने आया जिसमें सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे राष्ट्रगीत के दौरान हाथ से कुछ इशारे करते दिख रहे थे। इस वीडियो को लेकर आलोचकों ने सवाल उठाए।
गुजरात भाजपा ने इस घटना को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाया। एक्स पोस्ट करते हुए लिखा, "कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का अपमान किया है और अपनी मानसिकता को उजागर किया है।" भाजपा ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के लिए 'वंदे मातरम' का अपमान किया है।
भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि 'वंदे मातरम' के दौरान सोनिया गांधी ने आपत्ति जताई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पूछा कि यह क्यों बजाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ''वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्र चेतना और देशभक्ति का ऐतिहासिक प्रतीक है। इसके प्रति ऐसा रवैया कांग्रेस की आपातकाल मानसिकता को दर्शाता है।''
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने भी सोशल मीडिया पर सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि उन्हें 'वंदे मातरम' से इतनी नफरत क्यों है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय गीत के गायन के दौरान गांधी कथित तौर पर नाराज हुईं और पार्टी कार्यकर्ताओं से इसे रोकने को कहा।


