राजनाथ सिंह ने भारत के सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी को हटाया? दावे का क्या है सच
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 30 जून 24 को भारतीय सेना की कमान संभाली। इससे पहले वह फरवरी 24 से सेना उप-प्रमुख थे। उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और तीन जी ओ सी-इन-सी प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया जा चुका है।

भारत के सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर जारी है। कुछ पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उन्हें पद से हटा दिया गया है। साथ ही कहा जा रहा है कि इसकी वजह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मतभेद हैं। हालांकि, जांच में ये सभी दावे झूठे साबित हुए हैं। जनरल द्विवेदी अब भी भारतीय सेना की कमान संभाल रहे हैं।
वायरल पोस्ट में क्या
@ProudIndianNa नाम के एक्स पोस्ट से सेना प्रमुख को लेकर दावा किया गया है। पोस्ट के अनुसार, 'राजनाथ सिंह और भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बीच मतभेदों की खबरें हैं। राजनाथ सिंह ने जनरल उपेंद्र द्विवेदी को पद से हटा दिया है और चार्ज सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को सौंपा गया है।'
क्या है सच्चाई
PIB यानी प्रेस इंफर्मेशन ब्यूरो के अनुसार, 'सोशल मीडिया पोस्ट दावा कर रहे हैं कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जनरल उपेंद्र द्विवेदी को सेना के प्रमुख के पद से हटा दिया है। ये दावे झूठे और निराधार हैं।' आगे कहा गया है, 'भारत सरकार की ओर से ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया गया है। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भारतीय सेना की कमान 30 जून 2024 को संभाली थी और अब भी वह इस पद पर सेवाएं दे रहे हैं।'
कौन हैं जनरल उपेंद्र द्विवेदी
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 30 जून 24 को भारतीय सेना की कमान संभाली। इससे पहले वह फरवरी 24 से सेना उप-प्रमुख थे। उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और तीन जी ओ सी-इन-सी प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। वह मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और उन्होंने मध्यप्रदेश के रीवा में सैनिक स्कूल से पढ़ाई की है। उन्होंने जनवरी 1981 में नेशनल डिफेंस एकेडमी जॉइन की और 15 दिसंबर 1984 को जम्मू और कश्मीर राइफल्स की 18वीं बटालियन में कमीशन हुए थे। जिसकी कमान उन्होंने बाद में कश्मीर घाटी और राजस्थान के रेगिस्तान में संभाली।
उन्हें स्टाफ के अलग-अलग कामों का अनुभव है, जिनमें पंजाब के मैदानों में आर्मर्ड ब्रिगेड के पारंपरिक ऑपरेशनों को संभालना, उत्तरी सीमाओं पर उत्तर-पूर्व में माउंटेन डिवीजन को लॉजिस्टिक सहायता देना और रेगिस्तान में स्ट्राइक कोर के ऑपरेशनों को संभालना शामिल हैं। एकीकृत मुख्यालय में उन्होंने मिलिट्री सेक्रेटरी ब्रांच में अहम योगदान दिया और मिलिट्री ऑपरेशन्स निदेशालय में एक अनुभाग बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में भी साथ आए नजर
8 मई, शुक्रवार को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस मौके पर सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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