'वो प्रधानमंत्री की पीठ है, उसे क्या पता', मंच पर 'इग्नोर' वाले वायरल वीडियो पर स्मृति ईरानी का जवाब
स्मृति ईरानी का एक वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें दावा किया जा रहा था कि पीएम मोदी ने मंच पर स्मृति ईरानी को नजरअंदाज कर दिया। स्मृति ईरानी ने कहा कि मंच पर बहुत पुराने कार्यकर्ता मौजूद थे। उस समय केवल जीत मायने रखती थी।

टेलीवीजन के पर्दे से राजनीति के गलियारों तक में चर्चा बटोरने वाली समृति ईरानी को बीजेपी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा वह मोदी सरकार में शिक्षा मंत्रालय, कपड़ा, सूचना प्रसारण और महिला एवं बाल विका मंत्रालय का जिम्मा संभाल चुकी हैं। पश्चिम बंगाल के चुनाव में भी उन्हें स्टार प्रचारक बनाया गया था। हालांकि बीते कुछ समय से कहा जा रहा था कि स्मृति ईरानी को बीजेपी में ज्यादा भाव नहीं दिया जा रहा है। बंगाल में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनका एक वीडियो भी वायरल हो गया था। इसमें देखा जा सकता है कि ईरानी बेहद भावुक थीं और प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचने पर वह बार-बार हाथ जोड़कर उन्हें अभिवादन करती हैं लेकिन पीएम मोदी उन्हें बिना देखे ही आगे बढ़ जाते हैं। स्मृति ईरानी ने इस वायरल वीडियो को लेकर भी जवाब दिया।
क्या सच में पीएम मोदी ने किया था इग्नोर?
एक टीवी चैनल पर इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा, हां उस समय मैं और दादा (मिथुन चक्रवर्ती) साथ में ही बैठे थे। ईरानी ने कहा, वो प्रधानमंत्री की पीठ है, उसे क्या पता कि कौन किसको हाथ जोड़ रहा है। स्मृति ईरानी ने कहा कि वह पल बेहद भावुक था। हम जितने भी लोग मंच पर थे सबकी अपनी कहानी थी। उन्होंने कहा कि वह मंच पर इसलिए भावुक थीं क्योंकि वहां ऐसे लोग भी मौजूद थे जिन्होंने बंगाल में बहुत कुछ देखा था। विपक्ष में किसी ने यह भी कहा कि यह तो उपहास का विषय है। लेकिन यह सब मायने नहीं रखता। मुख्य बात है कि जो जीत हुई थी वह बहुत ही सुखद थी।
ईरानी ने कहा, एक लड़की से वह आंख कैसे मिलाएंगे जबकि मंच पर पुराने से पुराने कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रधानमंत्री उन लोगों का अभिवादन कर रहे थे। हमने बंगाल में प्रधानमंत्री मोदी के लिए गालियां सुनी हैं। ये सारी चीजें मायने ही नहीं रखती। केवल मायने रखता है बंगाल का कार्यकर्ता और उसे मिलने वाला न्याय।
ट्रोल होने पर क्या बोलीं स्मृति ईरानी
अकसर सोशल मीडिया पर ट्रोल किए जाने को लेकर ईरानी ने कहा, यह सोचना चाहिए कि ट्रोलिंग क्यों हो रही है। अगर कोई रचनात्मक वजह है तो उसे सुनना चाहिए। अगर कोई इसलिए ताने मार रहा है कि आप विफल हो जाएं या फिर टूट जाएं तो फिर उसमें नहीं पड़ना चाहिए वरना आप पीड़ित हो जाएंगी। मैंने सार्वजनिक जीवन में 25 साल बिताए हैं।
स्मृति ईरानी ने कहा कि अगर कोई प्रधानमंत्री पर हमला करता है तो हमारी जिम्मेदारी है कि डिफेंड करें। हमने 24 साल से उनको देखा है। यह वह शख्स हैं जिनकी मां मर गईं लेकिन वह दाह संस्कार के बाद वंदे भारत को झंडा दिखाने चले गए। उन्होंने सभा करके नेताओं को इकट्ठा नहीं किया। वह मेरे पिता के उम्र के हैं और अगर मेरी बाप के गिरेबान तक आपका हाथ पहुंच जाए तो यह मेरी गलती है।


