ट्रंप के कहने पर रोकी रूसी तेल की खरीद? US-भारत डील पर क्या बोले जयशंकर

Feb 15, 2026 06:50 am ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि किस देश से और कितनी मात्रा में रूसी तेल खरीदना है। यह तेल कंपनियां और लागत तय करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेल खरीद और सुरक्षा जरूरतों के लिए भारत हमेशा से रणनीतिक स्वायत्तता का उपयोग करता है।

ट्रंप के कहने पर रोकी रूसी तेल की खरीद? US-भारत डील पर क्या बोले जयशंकर

भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापारिक समझौते के बाद विपक्ष लगातार इस बात का आरोप लगा रहा है कि सरकार ने ट्रंप के इशारे पर रूसी तेल की खरीद को रोक दिया है। अब इस सवाल का जवाब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में जाकर दिया। उन्होंने कहा कि रूसी तेल खरीदना है या नहीं यह फैसला बाजार की स्थिति के आधार पर लिया जाता है। तेल कंपनियां इस बात का फैसला करती हैं।

दरअसल, म्यूनिक सुरक्षा सम्मलेन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे जयशंकर से एक इंटरव्यू के दौरान पूछा गया कि शुरुआत में तो भारत ने रणनीतिक स्वायत्तता के लिए रूसी तेल की खरीद को जारी रखा था, फिर क्या ट्रंप के कहने पर इसे रोक दिया गया? और अगर ऐसा है तो फिर अब रणनीतिक स्वायत्तता कहां है? इसका जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने कहा, "रूसी तेल की कितनी खरीद करना है, कब करना है, करना है कि नहीं करना है... यह सब बाजार के आधार पर निर्धारित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय भारत, यूरोप और अन्य देशों की कंपनियों द्वारा बाजार के हालात, लागत के आधार पर लिए जाते हैं।" जयशंकर ने यहां पर भारत की स्थिति को साफ करते हुए कहा कि भारत अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करने का अधिकार रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपनी ऊर्जा जरूरतों और सुरक्षा नीतियों की पूर्ति के लिए रणनीतिक स्वायत्तता का उपयोग करती है।

गौरतलब है कि जयशंकर का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका लगातार इस बात का जिक्र कर रहा है कि भारत ने उसके कहने पर रूसी तेल की खरीद को कम कर दिया है। इतना ही नहीं अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि उसने भारत को रूसी तेल के विकल्प के रूप में वेनेजुएला से तेल खरीद का ऑफर भी दिया है। हालांकि, भारत की तरफ से अभी तक इस फैसले को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

हालांकि, दोनों देशों के बीच साइन हुए व्यापारिक समझौते के बाद ट्रंप ने भारत के ऊपर से रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए 18 फीसदी टैरिफ को हटा लिया है। पहले भारत के ऊपर जो टैरिफ 50 फीसदी था, अब वह घटकर 18 फीसदी रह गया है। अमेरिका की तरफ से दावा किया गया है कि भारत ने यह शर्तें मान ली हैं, जबकि भारतीय अधिकारियों की तरफ से कहा गया है कि अभी इस मामले पर चर्चा जारी है।

दूसरी तरफ रूस की तरफ से भी इस मुद्दे पर बयान जारी किया गया है। क्रेमलिन की तरफ से कहा गया कि भारत किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है और कच्चे तेल की आपूर्तिकर्ता में विविधिता लाने में उसके निर्णय में कुछ भी नया नहीं है। हालांकि, क्रेमलिन ने यहां पर इस बात का जिक्र भी किया कि इस मामले में अभी तक केवल अमेरिका के राष्ट्रपति की तरफ से ही बयान जारी किया गया है, नई दिल्ली और मॉस्को के बीच में अभी तक इस पर कोई बात नहीं हुई है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस भारत को पेट्रोलियम बेचने वाला एकमात्र देश नहीं है और न ही कभी रहा है। भारत हमेशा से अपनी जरूरतों के हिसाब से फैसले लेता आया है, इसलिए अगर वह किसी नए देश से तेल खरीदता भी है, तो इसमें कुछ भी नया नहीं है।

गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के समय भारत ने रूसी तेल खरीदना शुरू कर दिया था। इसस नाराज होकर डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के ऊपर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ घोषित कर दिया था। हालांकि, भारत इसके बाद भी अपनी रणनीति पर अड़ा रहा और रूस से तेल खरीदता रहा। रूस भी शुरुआत से भारत को डिस्काउंट पर तेल उपलब्ध करा रहा था। हालांकि, समय के साथ यह डिस्काउंट कम होता गया। इसके बाद भारत ने भी धीरे-धीरे खरीद को कम करना शुरू कर दिया।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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