युद्ध के बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने की थी सीक्रेट यात्रा? क्या बोला UAE, भड़क गया ईरान
इन खबरों के सामने आने के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने खाड़ी देशों को इजरायल के साथ अत्यधिक निकटता के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि ईरान के महान लोगों के साथ दुश्मनी एक मूर्खतापूर्ण जुआ है।

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने उन खबरों का पुरजोर खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान-इजरायल युद्ध के दौरान यूएई की गुप्त यात्रा की थी। यूएई ने स्पष्ट किया है कि उसने न तो किसी इजरायली नेता की मेजबानी की है और न ही किसी सैन्य प्रतिनिधिमंडल की। संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक कड़ा बयान जारी कर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की कथित गुप्त यात्रा की खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है। मंत्रालय ने मीडिया से बिना पुष्टि वाली राजनीतिक सूचनाओं को न फैलाने का आग्रह किया है।
यूएई ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि इजरायल के साथ उसके संबंध अब्राहम समझौते के सार्वजनिक ढांचे के तहत हैं। मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच संबंध किसी गैर-पारदर्शी या अनौपचारिक व्यवस्था पर आधारित नहीं हैं। यूएई ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित अधिकारियों द्वारा आधिकारिक घोषणा न की जाए, तब तक ऐसी किसी भी यात्रा या व्यवस्था को असत्य माना जाना चाहिए।
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और चेतावनी
इन खबरों के सामने आने के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने खाड़ी देशों को इजरायल के साथ अत्यधिक निकटता के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, "ईरान के महान लोगों के साथ दुश्मनी एक मूर्खतापूर्ण जुआ है। इजरायल के साथ मिलीभगत करना अक्षम्य है। जो लोग इजरायल के साथ मिलकर विभाजन बो रहे हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।"
ईरान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अब्राहम समझौते के बाद से यूएई जैसे खाड़ी देश इजरायल को क्षेत्र में अपनी सैन्य और खुफिया उपस्थिति बढ़ाने का मौका दे रहे हैं।
सुरक्षा सहयोग और आयरन डोम का मुद्दा
नेतन्याहू की कथित यात्रा की खबरें उस समय आईं जब इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। राजदूत हकाबी के अनुसार, ईरान के साथ युद्ध के दौरान इजरायल ने यूएई की सुरक्षा के लिए अपनी आयरन डोम (Iron Dome) वायु रक्षा प्रणाली और उसे संचालित करने वाले कर्मियों को वहां भेजा था। हालांकि यूएई ने नेतन्याहू की यात्रा से इनकार किया है, लेकिन हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक, राजनयिक और विशेष रूप से सैन्य सहयोग काफी गहरा हुआ है।
यह विवाद 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुए उस संघर्ष के बाद उपजा है, जिसमें अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को निशाना बनाकर हमले किए थे। इस युद्ध के दौरान ईरान ने जवाबी कार्रवाई में यूएई सहित कई पड़ोसी देशों के बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया था, जिसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
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Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।
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