तो नहीं होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा? राहुल गांधी ने बताई अंदर की बात!
शनिवार को 10 जनपथ के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने सरकार पर तीखे हमले बोले और छात्रों की ओर से तीन मुख्य शर्तें रखीं।
नीट (NEET-UG) परीक्षा धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच तनातनी चरम पर पहुंच गई है। शनिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि मोदी सरकार घिरने के बाद अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने के बजाए उनका विभाग बदलने की योजना बना रही है।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और अलग-अलग छात्र संगठनों के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर हजारों छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर डटे हुए हैं।
तीन मांगें, जिनसे कोई समझौता नहीं: राहुल
शनिवार को 10 जनपथ के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने सरकार पर तीखे हमले बोले और छात्रों की ओर से तीन मुख्य शर्तें रखीं।
उन्होंने कहा, "देश के छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं, और इन पर कोई समझौता नहीं हो सकता। पहली मांग यह है कि शिक्षा मंत्री- जो कि अयोग्य, भ्रष्ट और इस पद के लायक नहीं हैं, उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाए। सरकार इस्तीफा मांगने के बजाय अब उनका पोर्टफोलियो बदलने का रास्ता तलाश रही है।"
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश कर रही है।
LoP ने कहा, "यह भारत के छात्रों को मंजूर नहीं है। यह किसी को भी मंजूर नहीं है। कारण यह है कि प्रधान भ्रष्टाचार का प्रतीक हैं और भारत के बच्चों के भविष्य के साथ जो हुआ है, उसका प्रतीक हैं। वे इस देश की सबसे मूल्यवान वस्तु, यानी हमारे छात्रों और उनके भविष्य के विनाश का प्रतीक हैं। इसलिए धर्मेंद्र प्रधान को इधर-उधर करने, पीछे करने, आगे बढ़ाने, किसी भी तरह की कोई चर्चा नहीं होगी। धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त किया जाना चाहिए।"
प्रधान के इस्तीफे पर क्या है सरकार का रुख?
दूसरी ओर, कई मीडिया रिपोर्ट्स में केंद्र सरकार के शीर्ष सूत्रों के हवाले से भी बताया गया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा "एजेंडे में बिल्कुल नहीं है"।
सरकार से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि सरकार अपने मंत्री के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और इस्तीफा देना सबसे आसान रास्ता होता है, जबकि सरकार समस्या का जड़ से समाधान करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। साथ ही सरकारी सूत्रों ने विभाग बदले जाने की खबरों को भी पूरी तरह से अफवाह और भ्रामक करार दिया है।
‘मोदी भारत का अतीत हैं’
राहुल ने सोमवार को संसद तक मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लाठीचार्ज और कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल जैसे एक्शन की भी निंदा की। उन्होंने छात्रों पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उन्हें दंडित किया जाना चाहिए और जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
गांधी परिवार के वंशज ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी भारत का अतीत हैं। अतीत कभी भविष्य से नहीं लड़ सकता।"


